गुरसरांय (झांसी)। तालाब के राम जानकी मंदिर पर श्रीराम महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान के जन्म की कथा सुनाई गई।व्यास पंडित भगवत नारायण समाधिया ने भगवान कृष्ण के जन्म उत्सव को मनाते हुए कहा कि नंद एवं यशोदा पूर्व जन्म के द्रोड एवं धरा नाम के वसु थे जिन्होंने तपस्या करके भगवान की बाल लीलाओं के सुख प्राप्त करने का वरदान मांगा था,इसलिए वही निर्गुण ब्रम्ह सगुण साकार बनकर कृष्ण रुप मे अवतरित हुआ और अपनी बाल लीलाओं से ब्रज वासियों को आनंद प्रदान किया। संगीत में कथा में नाल पर देवेंद्र सिंह घोष, ऑर्गन पर प्रमोद गोस्वामी एवं तबले पर धर्मेंद्र कौशिक ने संगत की इस अवसर पर मुख्य यजमान श्रीमती कमलेश देवी-अरविंद कुशवाहा,पारीक्षत श्रीमती सावित्री देवी-कन्हैया लाल कुशवाहा,यज्ञाचार्य पंडित लवकुश शास्त्री,कैलाश कुशवाहा पार्षद, पंकज कुशवाहा,मुन्नालाल कुशवाहा ,जगमोहन समेले, लक्ष्मीनारायण घोष ,सतीश चौरसिया,चंद्रप्रकाश चौरसिया, राम नारायण पस्तोर, आत्माराम फौजी,ओमप्रकाश कौशिक,हरिओम व्यास,अतरसिंह ,शिवनंदन चतुर्वेदी, गोविंद तिवारी,महेश चंद्र कोटरा,कौशलेश मिश्रा,साधूराम साहू आदि उपस्थित रहे। आज कृष्ण की संगीतमय बाल लीलाओं को सुनकर बड़ी संख्या में महिलाएं,बच्चे,बूढ़े भक्तिमय महासंगम में भाव विभोर होकर अपना तन मन की शुध भूल कर डुबकी लगाते देखे गए और श्री राम महायज्ञ में आज भक्तों का भारी जनसैलाब उपस्थित रहा।
