गुरसरांय (झांसी)। ऐतिहासिक तालाब माता मन्दिर गुरसरांय के विस्तारीकरण से लेकर सुंदरीकरण का काम आखिर सालों से कच्छप गति से कभी चलता तो कभी पूरी तरह से बंद हो जाता और लगातार दो बार तालाब के सुंदरीकरण और गहरीकरण के नाम पर शिलान्यास हो जाना कहीं ना कहीं यह योजना धरातल पर तारीख पर तारीख देकर टलती नजर आ रही है और इस काम की समय सीमा निकल जाने के बाद भी यह काम पूरा नहीं हो सका जिसके चलते गुरसरांय नगर की जनता के सामने गुरसरांय में जल संकट बढ़ जाने का भय बढ़ रहा है इस काम में लगभग 3 करोड़ रूपया उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आवंटन कर दिया गया है। इस संबंध में एक करोड़ 14 लाख रुपया की लागत से खुदाई तालाब की और तालाब के बांध पर जाली एम०एस० 500 मीटर और पांच ब्रंच सीमेंटेड के अलावा एक बड़ा गेट,दो छोटे गेट निर्माण होने थे यह काम कई महीनों पहले पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन क्यों नहीं किया गया और काम की समय सीमा क्यों निकल गई के बारे में जिम्मेदार विभाग से लेकर जिला प्रशासन व शासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उधर आज 8 अप्रैल को इस काम को कर रहे ठेकेदार और उनके साइड इंजीनियर रोहित कुमार मिश्रा ने बताया की आज मुझे इस काम को करने से कुछ प्रभावशाली लोगों ने रोका है यहां तक की मुझे पुलिस ने भी थाने में कई घंटों जबरन बैठाकर काम रोकने की धमकी दी गई है इससे लग रहा है कहीं ना कहीं गुरसरांय तालाब खींचतान के चक्कर में उसका सुंदरीकरण और विस्तारीकरण का काम खटाई में ना पड़ जाए क्योंकि पर्यटन विभाग द्वारा सुंदरीकरण का लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से होने वाले काम का धरातल पर अभी तक काम चालू नहीं हुआ है और तालाब इस समय सूखा पड़ा हुआ है इसको लेकर विभागीय अधिकारियों जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की कार्यशैली अपने आप में चर्चा का विषय बनी हुई है।
