गुरसरांय(झांसी)। अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी के कारण नगर की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। डबल इंजन की सरकार की कार्यप्रणाली एवं कर्मचारियों की लापरवाही ने गुरसरांय क्षेत्र की जनता का जीना मुहाल कर दिया है। विगत कई दिनों से बिजली और पेयजल व्यवस्था बुरी तरह से लड़खड़ा गई है। और इसमें एक प्रमुख कारण उभरकर यह सामने आ रहा है कि जिम्मेदारान विद्युत अधिकारियों की जानकारी में विद्युत व्यवस्था ओवरलोड के कारण बार-बार फैल हो रही है। और यह ओवरलोड जिन-जिन जगहों पर हो रही हैं वहाँ पर विद्युत चोरी करने वालों को स्पष्टता लग रहा है संरक्षण देने का कारण कोई न कोई मोटा लालच है। तो दूसरी तरफ जो उपभोक्ता नियमानुसार विद्युत बिल भुगतान से लेकर नियमों का पालन करते है। उनके लिए विद्युत विभाग के अधिकारी जान भूझकर परेशानी का कारण बने हुए हैं। बताते चले जेई और एसडीओ तक आम जनता के फोन नहीं उठा रहे हैं। इसके बावजूद जिस तरह से संबंधित विभाग द्वारा क्षेत्र की जनता का उत्पीड़न किया जा रहा है और जनप्रतिनिधि लग रहा है पूरी तरह कुंभकर्णी नींद में सोएं हुए हैं,उसके परिणाम आगामी सभी चुनावों में देखने को मिल सकते हैं। गुरसरांय को बिजली चोरी का हब बना दिए जाने के आरोप भी लगातार लगते रहे हैं। लोगों का कहना है कि सैकड़ों किलोवाट बिजली की चोरी खुलेआम करवाई जा रही है। जिन ट्रांसफार्मरों पर अधिक भार होता है,वहां अधिकारी जानबूझकर जांच नहीं करते। लोगों का आरोप है कि यदि जांच की जाए तो उनके अपने लोग पकड़े जा सकते हैं।क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि विद्युत व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो सत्ताधारी दल को इसका जवाब चुनाव में मिल सकता है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को भी जन आंदोलन का सामना करना पड़ सकता है। पूरी तरह लग रहा है विद्युत विभाग के आला अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन,उत्तर प्रदेश शासन के जनप्रतिनिधियों से संबंधित विभाग के अधिकारी बेखौफ है और आम जनता की कोई सुनने वाला नही है लग रहा है जनप्रतिनिधि विभाग के मंत्री से लेकर विभाग के आला अधिकारियों को बिजली समस्याओं को बताते हुए रील बनाकर तो कभी अखबारों में सुर्खियों में बने रहे छपवाकर सिर्फ और सिर्फ कागजी कॉलम पूरा कर रहे हैं।
