झाँसी -रेलवे प्रशासन में संरक्षा और कार्यकुशलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री अनिरुद्ध कुमार द्वारा डीजल शेड का एक बृहद त्रिस्तरीय निरीक्षण किया गया। इस विशेष निरीक्षण का मुख्य फोकस संरक्षा मानकों को मजबूत करना, इंजनों के समयबद्ध अनुरक्षण (मेंटेनेंस) को परखना और रेल कर्मचारियों की कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं का मौके पर निस्तारण करना था।
निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने डीजल शेड के विभिन्न विभागों, वर्कशॉप और तकनीकी अनुभागों की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया। त्रिस्तरीय समीक्षा के तहत उन्होंने शेड की सुरक्षा व्यवस्था, आगामी कार्य योजनाओं तथा इंजनों के रख-रखाव की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया।
अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधा संवाद
इस दौरे की मुख्य विशेषता मंडल रेल प्रबंधक का ग्राउंड जीरो पर सीधा संवाद रही। उन्होंने शेड के अधिकारियों, सुपरवाइजरों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों से आमने-सामने बात की। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी कार्य संबंधी चुनौतियों और स्टाफ शिकायतों को सीधे उनके समक्ष रखा। श्री अनिरुद्ध कुमार ने सभी शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निवारण के निर्देश दिए।
महिला रेल कर्मियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
संवाद के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने शेड में कार्यरत महिला कर्मचारियों की कार्यदशाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यस्थल पर महिला कर्मियों के लिए बुनियादी और आवश्यक सुविधाओं को और अधिक उन्नत (Upgrade) करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि वे पूरी सुरक्षा और गरिमा के साथ अपना कार्य कर सकें।
डीजल शेड की कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने के लिए मंडल रेल प्रबंधक ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक ठोस कार्य योजना (Action Plan) तैयार करने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समय-सीमा के साथ नए लक्ष्य निर्धारित किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेल परिचालन में संरक्षा और स्टाफ का कल्याण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर डीजल शेड के वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य सुपरवाइजर तथा अन्य रेल कर्मचारी उपस्थित रहे।
