गुरसरांय (झांसी)। ग्राम मडो़री में जब समाज में स्वार्थ और भेदभाव की खबरें सुर्खियां बनती हैं,ऐसे समय में ग्राम मडो़री से इंसानियत और भाईचारे की एक ऐसी मिसाल सामने आई है,जिसने हर संवेदनशील हृदय को भावुक कर दिया। मुस्लिम समाज के समाजसेवी मान खां ने धर्म, जाति और मजहब की दीवारों को तोड़ते हुए गांव की 7 निर्धन हिंदू कन्याओं का गुरुवार को दोपहर 3:00 बजे से विवाह पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया। इन कन्याओं की जिंदगी संघर्षों से भरी रही। किसी के सिर से पिता का साया उठ चुका था तो किसी की मां इस दुनिया में नहीं रही। कुछ बेटियां ऐसे गरीब परिवारों से थीं,जहां दो वक्त की रोटी जुटाना ही मुश्किल था,शादी जैसे बड़े संस्कार की कल्पना करना भी असंभव लग रहा था। ऐसे में समाजसेवी मान खां इन परिवारों के लिए भगवान के रूप में सामने आए। मान खां ने न केवल इन कन्याओं के विवाह की संपूर्ण जिम्मेदारी उठाई, बल्कि हर रस्म,हर परंपरा और हर संस्कार को पूरे सम्मान के साथ निभाया। कन्यादान से लेकर फेरे,मंगल गीतों से लेकर विदाई तक—सब कुछ हिंदू परंपरा के अनुसार हुआ। यह दृश्य हर आंख को नम कर देने वाला था।

यह आयोजन केवल शादियों का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि मानवता, प्रेम और सामाजिक एकता का उत्सव बन गया। गांव के लोगों ने देखा कि धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत एक होती है। मांन खां द्वारा किया गया यह कार्य आज के समय में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है, जिसकी चर्चा गांव ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों तक हो रही है।इस पुनीत अवसर पर लघु एवं सूक्ष्म उद्योग कैबिनेट मंत्री राकेश सचान,अटल श्री ज्योतिषाचार्य पंडित दीपेंद्र अड़ज़रिया,क्षेत्रीय विधायक जवाहरलाल राजपूत,गुड्डी रानी पटेल,ललित पटेल,बद्री प्रसाद त्रिपाठी,दीपू पटेल,जगदीश पटेल प्रधान अतरसुआ,राजू सेंगर,लखन साहू,बब्लू पटेल,सहित अनेक जनप्रतिनिधि,समाजसेवी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने मान खां के इस कार्य की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।कार्यक्रम के दौरान पूरे ग्राम मडो़री में उत्सव और भावुकता का माहौल रहा। विदाई के समय जब बेटियों की आंखों में आंसू थे,तब मान खां के चेहरे पर संतोष और सेवा की मुस्कान थी—जो यह संदेश दे रही थी कि अगर हर सक्षम व्यक्ति एक जरूरतमंद का हाथ थाम ले,तो समाज अपने आप बदल सकता है।यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संदेश है कि धर्म से बड़ा इंसान होना होता है, और यही सच्ची सेवा है।
