गुरसरांय (झांसी)। बुंदेलखंड कुरैठा महोत्सव सत्संग श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह एवं दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के संस्थापक अध्यक्ष डॉक्टर आशीष गौतम भैया जी ने मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्वलित कर किया गया। नावली सरकार प्रांगण में वही अमृत रस की गंगा। दिव्य प्रेम सेवा मिशन झांसी अंचल के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य अतिथि विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने महोत्सव की भव्यता और दिव्यता की प्रशंसा करते हुते कहा कि सभी को अपने जीवन में अनुशासन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अनुशासन ही जीवन को सही गति एवं दिशा देता है। वहीं दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के संस्थापक डॉ आशीष गौतम भैया जी ने कहा कि सनातन के उत्थान का समय है वीर भूमि बुन्देलखण्ड के महापुरुषों से प्रेरणा लेकर कार्य करना है। विशिष्ट अतिथि के रूप में राघवेन्द्र जी राष्ट्रीय सह संयोजक,श्रद्धा दीदी राष्ट्रीय शक्ति मातृशक्ति,जवाहर लाल राजपूत विधायक गरौठा रहे। मुख्य अतिथि कुंवर मानवेन्द्र सिंह का स्वागत एवं सम्मान कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर जगदीश सिंह चौहान,दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के संस्थापक डॉक्टर आशीष भैया जी का स्वागत एवं सम्मान सह संयोजक केशव सिंह परिहार,राघवेन्द्र जी राष्ट्रीय सह संयोजक का स्वागत एवं सम्मान अरविंद सिंह चौहान ऊरई,दीदी श्रद्धा सिंह राष्ट्रीय प्रभारी मातृ शक्ति का स्वागत एवं सम्मान बहिन अपर्णा वीरांगना राष्ट्रीय सह संयोजिका मातृशक्ति एवं गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत का स्वागत एवं सम्मान शिवशंकर सिंह अंचल संयोजक चित्रकूट द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन सह संयोजक झांसी अंचल बद्री प्रसाद त्रिपाठी द्वारा किया गया।श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ की आरती अतिथियों द्वारा की गई। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए वृन्दावन धाम से पधारीं कथा वाचिका साधना श्रीजी (देवी महेश्वरी) ने भागवत के महात्म्य की चर्चा करते हुए कहा कि जब कई जन्मों के पुण्यों का उदय होता है तभी सत्संग सुनने का अवसर प्रदान होता है। यह देव दुर्लभ कथा है, जिसको सुनने के लिए देवता भी लालायित रहते है, उन्हें भी सत्संग सुनने के लिए धरा धाम पर आना पड़ता है। कथा व्यास ने कहा कि ईश्वर सच्चिदानंद स्वरूप है। ऐसे सत्य चित्त एवं आनंद स्वरूप परमात्मा की जो शरण ग्रहण कर लेता है, उसके जीवन के समस्त ताप नष्ट हो जाते है। संसार का प्राणी दैहिक दैविक एवं भौतिक तापों से ग्रस्त है।यह संसार दुखालय है। सुख केवल परमात्मा की शरण मे जाने से ही प्राप्त होगा,इसलिए उस परमात्मा की शरण ग्रहण करें, जिससे जीवन मे आनंद की प्राप्ति हो। भागवत कथा के यजमान संध्या जितेन्द्र सिंह परिहार रहे। इस अवसर पर मृगेंद्र सिंह कैरोखर, हरिसेवक तिवारी,अवधेश प्रताप सिंह चौहान,मूरतध्वज सिंह बरगांय, लाखन सिंह अस्ता,सुखदेव सिंह दीपू अस्ता,पंकज सिंह परमार, अभय प्रताप सिंह छोटू अस्ता, राजू कछवाह धनौरा,चन्द्रभान सिंह ब्लॉक प्रमुख बामौर,राजू सेंगर,पवन स्वामी,खन्ना त्रिपाठी,गोविन्द प्रताप सिंह,जनक सिंह चौहान,रामजी अग्रवाल,संदीप सिंह,रामजी परिहार,मोहनीश अग्रवाल,सत्य प्रकाश तिवारी,योगेश प्रताप सिंह चौहान,सुयश प्रताप सिंह चौहान,गोल्डी चंदेल सहित आदि लोग उपस्थित रहे।
नावली सरकार में देश के विभिन्न क्षेत्रों के खास लोगों का प्रतिदिन बना आने का क्रम
कुरैठा महोत्सव में स्थानीय विधायक जहां प्रतिदिन बुन्देलखण्ड स्तरीय नावली सरकार मेला में मौजूद हैं तो देश के प्रथम पंक्ति धार्मिक,समाज सुधाकर दिव्य सेवा सेवा मिशन हरिद्वार के संस्थापक डॉक्टर आशीष गौतम भैया जी,उत्तर प्रदेश विधान परिषद के संभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने एक आम नागरिक की हैसियत से आकर 3 जनवरी को इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान कर समाज में प्रेम भाव और मानव सेवा,समाज सेवा को प्रमुखता का संदेश देकर जनता का दिल जीत लिया है वहीं प्रतिदिन बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विभिन्न जिलों के यूपी,एमपी क्षेत्र के जनप्रतिनिधि से लेकर देश के खास लोगों का आना सुनिश्चित होने से यहां धार्मिक और प्राचीन परंपरा अनुसार मेले का महत्व को देखते हुए दूरदराज से लेकर पूरे बुन्देलखण्ड क्षेत्र से भीड़ जुटना प्रारंभ हो गई है। जिसके चलते इस समय झांसी जिले का कुरैठा महोत्सव पूरे बुन्देलखण्ड और उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ हैं।
