गुरसरांय(झांसी)। मकर संक्रांति के महापर्व पर ओरछा धाम से लौट रहे बाइक सवार जसवंत पुत्र कोमल प्रजापति व राजकुमार पुत्र राधेलाल बरार व्यक्ति जब बंकापहाड़ी अतरौली मोड़ के पास पहुंचे तो गुरसरांय से अपने घर बाइक पर सवार होकर सोनू पुत्र श्यामलाल उम्र 28 वर्ष निवासी बंकापहाड़ी की आमने-सामने बाइकों की भिड़ंत हो जाने से दोनों बाइकों पर सवार उक्त लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिसमें से गुरसरांय से ग्राम रनयारा जा रहे गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने जब गंभीर रूप से घायल जसवंत को बंकापहाड़ी के निकट डला देखा तो उन्होंने समय गवाएं बिना अपने साथियों के सहयोग से जसवंत को अपने वाहन में लाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय आए और वहां पर भर्ती कराया इस दौरान ड्यूटी पर मुस्तैद डॉक्टर रजनीश यादव ने प्राइमरी इलाज प्रारंभ किया लेकिन हालत नाजुक होने पर जसवंत को झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए रिफर कर दिया गया है। उधर इस घटना में गंभीर रूप से घायल राजकुमार पुत्र राधेलाल बरार उम्र 44 वर्ष ग्राम राजापुर और दूसरे वाहन पर सवार सोनू पुत्र श्यामलाल उम्र 28 वर्ष को गांव के आस पास ग्रामीणों की मदद से हालत गंभीर होने पर निजी वाहन से झांसी चिकित्सालय के लिए भेजा जा चुका था। घटना के बाद गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत एक नेक इंसान के रूप में उभरकर सामने आए और इसके पहले भी गुरसरांय में वह सड़क दुर्घटनाओं में शामिल कई लोगों को अपने आवश्यक काम को छोड़कर दुर्घटना में घायलों को अस्पताल में अपनी देखरेख में इलाज करा चुके हैं जिसकी सब जगह सराहनीय चर्चा आज होती देखी गई। हम कह सकते हैं गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत बिना प्रदर्शन के और बिना ताम झाम के 24 घंटा आपातकालीन घटनाएं होने पर सबसे पहले क्षेत्र में काम करते देखे गए हैं।
फिर वही बात ट्रामा सेंटर की सख्त आवश्यकता की आई सामने
आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय में ट्रामा सेंटर न होने से कई लोगों को आपातकालीन स्थिति में झांसी रिफर होकर इलाज को जाना पड़ता है जिसके चलते वहां पहुंचते पहुंचते लोगो को जान गवानी पड़ी है और जिला प्रशासन से लेकर शासन तक स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तक सालों से जनता की मांग को दरकिनार किया जा रहा है यहां तक कि गुरसरांय अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है बात डॉक्टर तक की नहीं यहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बाबजूद अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने वाला कोई व्यक्ति नहीं है यही हालत सफाई कर्मचारी से लेकर बड़ी संख्या में वार्ड बॉय कैशियर,चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैसे दर्जनों पद खाली पड़े हुए हैं लेकिन कार्यवाही के नाम पर कई सालों से सिर्फ झूठा आश्वाशन मिल रहा है जिसके चलते प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा आम जन को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करोड़ों रुपया मिलने के बाद भी आम जन को स्वास्थ्य सेवाएं वास्तव में नहीं मिल पा रही हैं और आज यह बात फिर याद आई जब इस प्रकार की क्षेत्र में घटनाएं पर घटनाएं प्रतिदिन तेज रफ्तार गति से घट रही हैं और शासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
