गुरसरांय (झांसी)। नवमी का महा पूजन के उपरांत नम आंखों से भजनों और गीतों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरसरांय के विभिन्न पंडालों में सजे मां के दरबार को वाहनो में सवार कर पीछे-पीछे हजारों की संख्या में भक्तों का जन सैलाब भजनों और गीतों को गाते हुए बड़वार बांध विसर्जन के लिए निकले तो पूरे नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में नगर व गांव सूने नजर आ रहे थे। बताते चलें गुरसरांय में 9 दिन भक्ति का माहौल रहा जगह-जगह दुर्गा पंडाल में दुर्गा जी विराजमान रही भक्तों ने सुबह शाम आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम किया इसके बाद सभी नवदुर्गा कमेटी के द्वारा दुर्गा जी का भंडारा कन्या भोज किया फिर हवन हुआ इसके बाद माता रानी को पूरे नगर में सभी चौराहों से निकलकर नगर वासियों ने अपने दरवाजे पर रंगोली सजाकर की मां दुर्गा की आरती की और नम आंखों से विदाई दी बाजार की मूर्ति जो 40 से 45 साल रखी जा रही है वह आकर्षण का केंद्र रही दुर्गा जी की मूर्ति को चार पहिए के ठेला पर रखकर कमेटी के लोग बने सारथी जुलूस में सबसे आगे घोड़े डीजे और देवी जी के स्वरूप सजाए गए और माता जी की जयकारों से गूंजायमान हुआ गुरसरांय नगर महिला और बच्चे डीजे पर नृत्य करते हुए शीतला माता मंदिर पर पहुंचे इसके बाद विसर्जन के लिए भसनेह डेम पर प्रशासन की देखरेख में आरती के बाद नगर की कुछ मूर्तियों का आज विसर्जन किया गया। बड़वार बांध पर डिप्टी एसपी गरौठा असमा वकार,थानाध्यक्ष गुरसरांय इंस्पेक्टर वेद प्रकाश पाण्डेय समेत प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करते नजर आया। आज 1 अक्टूबर बुधवार को देर शाम तक नगर व ग्रामीण क्षेत्र की 60 प्रतिशत प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया वही जगह-जगह भंडारे चलते रहे। तो दूसरी ओर प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन की नवदुर्गा उत्सव दौरान और विसर्जन दौरान बेहतरीन ड्यूटी के चलते भव्य नवदुर्गा महोत्सव का कार्यक्रम पूरी सफलता के साथ भव्यता से संपन्न हुआ।
