बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
रिपोर्ट-शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय
गुरसरांय (झांसी)। ग्राम पिपरा के हनुमानजी मंदिर पर आयोजित पिपरा सांस्कृतिक महोत्सव में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलाचरण की कथा सुनाई गई। श्रीमद्भागवत श्रवण कराते हुए कथा व्यास पं ब्रजेश कृष्ण शास्त्री महाराज ने महात्म्य की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि परमात्मा सत्य चित एवं आनंद स्वरूप है।ऐसे सच्चिदानंद स्वरूप परमात्मा की शरण में जो जाता है वह संसार के तीनों तापों से मुक्त हो जाता है।उन्होंने कहा कि भागवत के मंगलाचरण में सत्य की वंदना की गई है,किसी देवी देवता का नाम नहीं लिया गया।इसलिए परमात्मा ही केवल सत्य है।उन्होंने सती प्रसंग के माध्यम से कहा कि विना बुलाये कहीं नहीं जाना चाहिए अन्यथा अपमान का पात्र बनना पड़ता है।परमात्मा प्रतीक्षा का विषय है,उसकी परीक्षा नहीं लेनी चाहिए।सती ने भगवान परीक्षा लेनी चाही,तो शिव जी से दूर जाना पड़ा।संगीतमय भागवत कथा में ऑर्गन पर दीपक पुरोहित,बैंजो पर अखिलेश, पैड पर वासु भाई एवं नाल पर मोनू भाई ने संगत की।भागवत कथा का मूल पाठ आचार्य राजीव शास्त्री नदीगांव ने किया।कथा की आरती परीक्षित कपूरी देवी शंकर सिंह पटेल,जिला पंचायत सदस्य अंजना जितेंद्र पटेल,नम्रता नृपेंद्र सिंह,डोली हेमंत सिंह मजिस्ट्रेट बांदा, पार्थ पटेल,पर्व पटेल ने की।इस मौके एमएलसी प्रतिनिधि आरपी निरंजन, आचार्य पंकज वैदिक,दीपू महाराज, रामसिंह पटेल, गम्भीर सिंह, शिवम् समाधियां, सुबोध पटेल,पुष्पेन्द्र खिरिया,ब्रकोदर यादव, ब्रजकिशोर यादव, बिनोद प्रधान, रहीश पटेल, जितेंद्र उपाध्याय, कमलेश प्रधान,विनोद प्रधान,कमलेश प्रधान, भज्जू यादव, पवन, अंशुल, गनपत कुशवाहा,विवेक लक्ष्यकार, भाई खान, श्रीपत रायकवार, नना रायकवार, लक्ष्मी श्रीवास, नरेन्द्र आर्य,बद्री प्रधान बड़वार ,डॉ राजेंद्र पटेल बड़वार, विक्रम पटेल झांसी, संतोष खरे ,अरविंद वर्मा,आदि उपस्थित रहे।
