गुरसरांय(झांसी)। ग्राम परसुवा के बड़ी माता मंदिर कें प्रांगण में चल श्री मद भागवत पुराण के छठवें दिन भगवान कृष्ण की महारास लीला का वर्णन किया गया।कथा बाचक आचार्य अरविंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान की दिव्य महारास लीला साधारण स्त्री पुरूष का मिलन नहीं है,यह जीवात्मा एवं परमात्मा के मिलन की लीला है।यह लीला योगियों के ध्यान लगाने की है।वहीं कथा मंच पर वृंदावन धाम से पधारी साध्वी प्रतीक्षा चतुर्वेदी ने भगवान राम के गुणगान गाते हुए कहा कि जिसने भगवान राम के आदर्श को जीवन मे उतार लिया,उसका सम्पूर्ण जीवन कल्याणमय हो जाता है।कथा की आरती परीछत-अरबिंन्द्र शांडिल्य
देवी जी कें परीछत-अखिलेश शांडिल्य ने की।संगीत पर साथ देने वाले-आर्गन पर प्रमोद गोस्वामी,नाल बादक – मनमोहन ,पैड पर पुष्पेंद्र सितार रहे।कथा में मेजर अखिलेश पिपरैया,कमलेश द्विवेदी,सनत माते पूर्व प्रधान,रवि शांडिल्य,ऋषि एडवोकेट,महेश शांडिल्य,अवध किशोर बीडीसी,छोटू नापित आदि उपस्थित रहे।
