सर्वे के नाम पर किसानों, बेघरों को परेशान न कर जल्दी दिया जाए मुआवजा-हरनारायण सिंह
गुरसरांय(झांसी)। झांसी जिले में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गरौठा तहसील के सभी गांव सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खेतों में पानी भर जाने से खरीफ की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर तिल,उड़द,मूंग और मूंगफली की फसलें पानी में डूबने के कारण शत प्रतिशत खराब होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत और खेती में लगी लागत बर्बाद होने की आशंका है।बारिश के कारण गरौठा तहसील के गांव में कई कच्चे मकानों के गिरने की भी जानकारी सामने आई है। इससे प्रभावित ग्रामीण परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।खेत-दर-खेत निष्पक्ष सर्वे की मांग।किसानों की स्थिति को देखते हुए किसान नेता हरनारायण सिंह घोष ने शासन और प्रशासन से पठा गांव सहित सभी प्रभावित क्षेत्रों में खेत-दर-खेत (प्लॉट टू प्लॉट) निष्पक्ष सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वास्तविक नुकसान का सही आकलन होने के बाद ही किसानों को उचित मुआवजा मिल सकेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन गरीब परिवारों के कच्चे मकान बारिश के कारण गिर गए हैं, उनका तत्काल सर्वे कराकर उन्हें आवासीय मुआवजा एवं आवश्यक राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।मुआवजा और बीमा राशि में पारदर्शिता की मांग हरनारायण सिंह घोष ने कहा कि आपदा से प्रभावित किसानों को मिलने वाली मुआवजा और फसल बीमा की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की बिचौलियागिरी,कमीशनखोरी या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ किसानों से बीमा सर्वे के नाम पर अवैध रूप से पैसे मांगे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने शासन एवं उच्च अधिकारियों से ऐसी शिकायतों की जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा किसानों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल किसान नेता ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरौठा तहसील के राजस्व अधिकारियों द्वारा पठा गांव सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का धरातलीय सर्वे जल्द शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के बीच किसानों की फसलें और मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, ऐसे में सर्वे में देरी से प्रभावित परिवारों की परेशानी और बढ़ सकती है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि बिना किसी भेदभाव के तत्काल सर्वे कराया जाए, वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और पात्र किसानों एवं प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत एवं उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
आपदा प्रबंधन को लेकर एसडीएम गरौठा हुए सक्रिय
अति वर्षा से गरौठा तहसील क्षेत्र में बर्बाद हुई फसलों से लेकर जगह-जगह लोगों के बरसात से गिरे घरों को लेकर डिप्टी कलेक्टर गरौठा सुनील कुमार क्षेत्र के कई गांव में पहुंच कर गिरे हुए घरों के लोगों से मिले और मौके का निरीक्षण भी किया।इस दौरान उन्होंने राजस्व विभाग की टीम को भी पूरी तरह सक्रिय कर फसलों की क्षति और गिरे हुए घरों कि जल्द से जल्द रिपोर्ट मांग कर आपदा प्रबंधन हेतु जल्द से जल्द किसानों से लेकर गिरे हुए घरों के परिवार जनों को तत्काल मुआवजा राशि उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह एक्शन मूड में दिखें और राजस्व विभाग के अपने अधीनस्थों के साथ शासन के निर्देशों का धरातल पर जल्द से जल्द पालन हो के लिए ए टू जेड दिशा निर्देश दिए।
