गुरसरांय (झांसी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय में 1 सितंबर मंगलवार को क्षेत्र की आशा बहिनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅक्टर ओपी राठौर को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से आशा बहिनो ने उनकी रुकी हुई प्रोत्साहन राशि के भुगतान और मानदेय वृद्धि समेत कई मुख्य समस्याओं के जल्द निस्तारण की गुहार लगाई है। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री और यूनियन पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता में 13 सूत्रीय मांग पत्र पर दी गई सहमति को ठोस रूप से आकार देकर उसे लागू करने की दिशा में भी कोई रुचि प्रदर्शित नहीं की गई। आधारभूत भुगतान में राज्यांश 1500 रुपए से बढ़ाकर 7500 करने,मातृत्व अवकाश दिए जाने,जीवन बीमा राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 10 लाख व स्वास्थ्य बीमा कवर से आच्छादित करने के लिए कैशलैश योजना के 5 लाख दिए जाने व वर्षों से बकाया प्रोत्साहन राशियों का सम्पूर्ण भुगतान करने के साथ प्रोत्साहन राशियों के पुनरीक्षण पर सहमति हुई थी। इनको लागू करने के लिए अपर प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी थी। किन्तु उस कमेटी की रिपोर्ट के बाद समझौते को लागू करने के लिए होने वाली अंतिम बैठक आज तक नहीं बुलाई गई। वर्षों से विभिन्न अभियानो में योगदान का कोई पारिश्रमिक प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड,आयुष्मान गोल्डन कार्ड में 2018 से जारी योगदान का आज तक 1 रुपया भी अदा नहीं किया गया। केंद्र सरकार द्वारा कोविड 19 में योगदान पर घोषित प्रति माह रु 1000 की राशि भी लगभग भुला दी गई हैं। इसी तरह कुष्ठ रोग,टीवी,टीवीजाई,फाइलेरिया,नसबंदी सहित अनेकानेक कायाँ की प्रोत्साहन राशियों का भुगतान अटका हुआ है। आभा आई डी के सृजन में 1 जनवरी 2023 से योगदान और उसी अनुसार ही भुगतान का आदेश भी जारी किया गया था कि अब 2024 का आधा अधूरा भुगतान किया गया है। दस्तक,संचारी अभियान का आज तक कभी कोई भुगतान नहीं हुआ। आभा आईडी का भुगतान बाकी है। 45/46 वे भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने के लिए वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाए। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि उनकी माँगों व ज्ञापनों को उच्च अधिकारियों के समक्ष भेजकर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।ज्ञापन देने वालों में मीना देवी,सुखवती,पार्वती देवी,संपत देवी,रुबीना,गिरिजा देवी,सुलेखा,अंगूरी,रचना, सीमा,पुष्पा,पूजा सहित कई अन्य आशा बहिनें मौजूद रहीं।
