गुरसरांय(झांसी)। नगर के ऐतिहासिक तालाब माता मंदिर में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ का कलश यात्रा के साथ मंगलवार को वैदिक मंत्रों के बीच शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा में जहां सैकड़ों लोग ढोल नगाड़ों के बीच डीजे पर धार्मिक गीतों पर थिरकते नजर आये वहीं महिलायें सिर पर कलश रखकर मंगल गीत गाती हुयीं दिखी। कलश यात्रा नगर के विभिन्न रास्तों से होती हुई तालाब माता मंदिर पहुंची जहां विधिवत पूजा अर्चना की गई। पूरा वातावरण धर्ममय एवं जय श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उक्त जानकारी देते हुए महिला कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि 1 सितंबर से 7 सितंबर तक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा का समय अपराह्न 2 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। श्रीमद्भागवत कथावाचक पंडित नीरज कृष्ण शास्त्री वृन्दावन धाम ने कथा का शुभारंभ करते हुए कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है,जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है।संगीतमय कथा में सहगायन पूजन पर नीरज पाठक,ऑर्गन प्रमोद गोस्वामी,ढोलक पर हरिमोहन,पैड पर पुस्पेंद्र ने संगत की। कथा की आरती परीक्षित अन्जू अनुज सेन ने की। 7 सितंबर को कन्या भोज पूर्णाहुति के साथ कथा का विराम होगा।इस अवसर पर राष्ट्रीय मानव अधिकार की अध्यक्ष शकुन घोष,रमा बहिन जी,संतोषी,विनीता शर्मा,सोनम स्वर्णकार,मालती गुप्ता,पार्वती,कविता शर्मा,संगीता,रामदेवी,उमा,नीलम,विमला,गुड्डी परिहार,मीडिया प्रभारी रागनी,विनोद स्वामी,धर्मेंद्र स्वर्णकार बल्ले,बल्लू महाराज,विनीता,प्रीति,स्वणका,रजनी,आशाराम,पूर्वी समेत सैकड़ो धर्मप्रेमी मौजूद रहे।
