झांसी- दिनांक 18 अगस्त 2026 जनपद में विशेष मीजिल्स-रूबेला (एम-आर) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ मंगलवार को किया गया। कंपोजिट विद्यालय नई पाली डेली बबीना में मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ शिशिर पुरी द्वारा अभियान का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि खसरा और रूबेला दो अलग-अलग अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारियां हैं, जिनसे बुखार और त्वचा पर चकत्ते होते हैं। खसरा के वायरस का संक्रमण हवा में मौजूद बूंद के माध्यम से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, नाक बहना, लाल और पानी भरी आंखें और मुंह के अंदर छोटे-छोटे सफेद धब्बे हो जाते हैं। इसके बाद चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। इसी प्रकार रूबेला, जिसे जर्मन खसरा कहा जाता है, यह वायरस भी खांसी या छींक के माध्यम से फैलता है। इसके लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं, जिनमें हल्का बुखार, गुलाबी या हल्के लाल रंग के चकत्ते और कान के पीछे और गर्दन में स्पष्ट रूप से सूजन शामिल है। बच्चों को मीजिल्स एवं रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभियान के तहत विद्यालयों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचकर पात्र बच्चों का टीकाकरण कर रही हैं।अपराह्न 3:00 बजे तक 63 सत्रों के माध्यम से 609 बच्चों को टीका लगाया जा चुका था।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रविशंकर ने बताया कि अभियान के अंतर्गत 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बच्चों को एम-आर का टीका लगाया जा रहा है, जो किसी कारणवश नियमित टीकाकरण के दौरान टीका लगवाने से छूट गए हैं। अभियान 18 अगस्त से जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं मदरसों में संचालित किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित माइक्रो प्लान बनाया गया है एवं टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अभिभावकों से सहयोग की अपील की है।
कंपोजिट विद्यालय नई पाली डेली बबीना में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ रविशंकर, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रक्सा डॉ संजीव कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक श्री प्रांजल, एलएचवी श्रीमती मीना देवी, एएनएम श्रीमती रचना परिहार आदि उपस्थित रहे।
