गुरसरांय (झाँसी)। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुज हरिद्वार के तहसील संयोजक सतीश चंद्र चौरसिया एडवोकेट ने एक कार्यक्रम में कहा मानव जीवन परमात्मा द्वारा दिया गया एक उपहार है। इस उपहार का उपहास न हो हम याद रखें कि हम को मरना भी है इसलिए दीपक की तरह प्रकाश करते हुए सत्तकर्म और धर्म की आराधना करते हुए जीवन जिये और आपने अच्छे बुरे कर्मों का चिंतन करें बुरे कर्म त्यागने का संकल्प लें तो हमरा जीवन धन्य होता चला जाएगा जो समय बीत गया सो वीत गया अब जो शेष बचा हुआ है उसे संभालने के लिए परमात्मा से प्रार्थना करे कि इस शरीर का उपयोग उच्च कार्यों में ही हो चौरसिया ने आगे कहा इस संसार में रहना बुरा नहीं है परंतु मन को संसार में बसाना बुरा है मृत्यु जीवन का अंतिम सत्य है चिंतन करो हमारा जीवन पल-पल घट रहा है और धीरे-धीरे मृत्यु की और बढ़ रहा है इसलिए अपने चरित्र को ऊँचा उठाने का प्रयास करो जिससे हम सूर्य की तरह चमकेंगे प्रकाश की तरह रोशनी करेंगे मृत्यु का जानना जीवन का मर्म पाना है मृत्यु एक मंदिर है जिसमें जीवन के देवता विराजमान है इसे हम सव को याद रखना चाहिए उन्होंने आगे कहा जिस तरह हम पुराने वस्त्रों को त्याग कर नए धारण करते हैं उसी तरह यह आत्मा पुराने शरीर को त्याग कर नया शरीर धारणा करती है इसलिए हम सभी को अच्छे कार्य करना चाहिए जिससे हम और हमरा परिवार और हमरा देश समाज उच्च श्रेणी की और पहुँचेगा जिससे भारतीय संस्कृति की ध्वजा पूरे विश्व में स्थापित होगी और हम सभी नर से नारायण बनेगे।
