गुरसरांय (झांसी)। नगर के मंदिरों में दो दिन शरद पूर्णिमा का उत्सव भव्यता से मनाया गया।प्राचीन गढ़ा के मंदिर पर शरद की खुली चांदनी में भगवान के विग्रहों का भव्य दरवार सजाया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक बृजेन्द्र कुमार व्यास डमडम महाराज ने उद्घाटन करने के बाद कहा कि यह नगर संगीत साहित्य की विरासत रहा है।यहां की प्रतिभाओं ने पूरे देश मे बुंदेलखंड का नाम रोशन किया।इसको उचित मंच दिलाने का प्रयास करेंगे तथा आगामी वर्ष में भव्यता से कार्यक्रम करवाएंगे।समापन सत्र के अतिथि विधायक पुत्र राहुल राजपूत रहे।उन्होंने मंदिर के विकास के लिए भरपूर मदद करने की बात कही।कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य पं शिवकुमार पिपरैया ने की।इसके बाद माँ शारदा संगीत विद्यालय के संयोजन में आयोजित भजन संध्या में श्रोता देर रात तक भजनों का आनंद लेते रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध सितार वादक पं सरजू शरण पाठक ने भगवान कृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन करते हुए गोपी गीत के श्लोकों का गायन किया,उनके साथ नाल पर संगत देवेन्द्र सिंह घोष ने की।गायिका शिवानी यादव ने भजन राखें रैयों मोरी खबरिया मोरे राम जू धनी की सुंदर प्रस्तुति दी।इसके बाद उन्होंने बुंदेलखंड की परंपरा का गीत ऐसी माटी ना भारत के खंड खंड में जन्म दइयो विधाता बुंदेलखंड में के द्वारा वाहवाही लूटी।इसके अलावा हनी नाम देव ,सीताराम सर एवं दिवाकर स्वामी ,सलोनी पाठक,दिव्यांशी पाठक,तनु तिवारी,अवंतिका सनी,रुद्रांश आदि ने भजनों की प्रस्तुति से भाव विभोर किया।संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुकदेव कुमार व्यास ने किया।अंत में मंदिर के प्रबंधक,पुजारी पं मुकेश त्रिपाठी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।इस मौके पर पं नितुल व्यास,लाल जी गोपाल जी शर्मा,पूर्व पार्षद राकेश त्रिपाठी,सुशील स्वामी, खन्ना त्रिपाठी, वर्षा त्रिपाठी,महेश कुमार सोनी,संतोष कुमार अग्रवाल, महेंद्र कुमार व्यास,ओम प्रकाश बड़ौन्या,शिशुपाल सिंह सरस,अरुण चतुर्वेदी, आशुतोष गोस्वामी, अखिलेश तिवारी सुट्टा,रामगोपाल शर्मा,अशोक सेन,राम भरोसे पेंटर,मेहताब सिंह यादव,राम नारायण तिवारी,द्वारका भगत जी,नितिन स्वामी,बालू प्रधान,अनूप पटेल,पंकज कुमार,वैशाली ,राजेश पाठक,अनिल तिवारी,राम कृपाल बढ़वार,लल्लू नामदेव ,संजय त्रिपाठी सहित नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
