गुरसरांय (झांसी)। विकास खंड गुरसरांय की ग्राम पंचायत में भसनेह बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति बी पैक्स पर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों ने देर रात दो बजे के बाद से खाद के लिए डेरा डालना शुरू कर दिया था। सुबह सुबह होते ही किसानों की भीड़ इतनी बड़ी गई की उसे संभालाना मुश्किल हुआ। औरतों और आदमियों के बीच लगी लाईनों में एक दूसरे के ढक्का के चलते आपस में तू तू मैं मैं होती रही। भूखे प्यासे लोग खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। लेकिन परिस्थितियां यह हैं कि खाद किसानों तक आसानी नहीं पहुंच पा रही है। दो बजे से लगे लाईन में बढ़ती गई लगभग एक हजार के आस पास किसान खाद के लिए एकत्रित होते चले गये। सुबह सात बजे के बाद किसानों के कागजातों की जांच पड़ताल के बाद नम्बर दिये गये फिर उन्हें टोकन देने का काम किया गया। आखिरकार अपने अपने नम्बर के चक्कर में कुछ किसानों को टोकन मिल पाये कुछ किसान टोकन व कागजातों के नम्बर को लेकर देर शाम परेशान होते रहे। परिस्थितियों को बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई। जिस पर थानाध्यक्ष गुरसराय अखिलेश द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर आये तब कहीं जाकर कुछ हालातों में सुधार आया। फिर भी देर शाम लगभग तीन बजे जब सुबह से लाईन में लगी महिलाओं का नम्बर व टोकन नहीं मिला तो तो उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सीधा गोदाम में रखी खाद की बोरियों के साथ खींचा तानी शुरू की आखिरकार पुलिस प्रशासन के सहयोग से उन्हें रोका गया। दिन भर की इन हालातों के बीच दोपहर में देर रात से भूखे प्यासे लाईनों में लगे किसानों को धक्का मुक्की के चलते कुछ किसान तो नीचे गिर गये और दब गये और लोग उनके ऊपर रोंदते चले गये वहीं किसानों में हरीराम कुशवाहा बंकापहाड़ी एवं लल्लू राम रानापुरा के किसानों की हालत बिगड़ी और दोनों बेसुध हो गये लोगों उन्हें उठाया और पानी के उनके ऊपर किंछा और हाथ पैरों में मालिश की तब कहीं वह अचेत अवस्था से दूर हो सके। खाद को लेकर जिस तरह से जो हालात हर बार बनते जा रहे हैं जानकार भी विभाग सचेत क्यों नहीं होता या पर्याप्त मात्रा में खाद क्यों नहीं उपलब्ध कराई जाती हर बार यही समस्या बनना कहीं न कहीं सरकार या विभागीय अधिकारियों की उदासीनता को दर्शाता है। या फिर पर्याप्त मात्रा में आ रही किसानों को ब्लैक के माध्यम से अपने शुभचिंतकों को दी जा रही है। जिसके चलते किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। की संख्या भीड़ जमा होने से ईसहकारी समिति में खाद लेने के लिए किसानों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। किसान दिन-रात मेहनत करके देश का पेट भरता है, लेकिन जब उसे अपनी फसल के लिए खाद के लिए उसे दर दर भटकना पड़ता है या फिर ब्लैक में खाद लेनी पड़ती है।
किसान हरीराम कुशवाहा बंकापहाड़ी ने बताया कि वह दो बजे से भसनेह सहकारी परिसर में खाद लेने के लिए लाईन में लगी गया था। लेकिन सुबह सुबह तक इतनी भीड़ एकत्रित गई कि भूखे प्यासे लाईन में लगा रहना ही मुनासिब समझा हालत में हुये कि मुझे नहीं मालूम कि हमें क्या हो गया और नीचे बेहोश होकर गिर गया। वहां एकत्रित भीड़ ने उन्हें उठाया और पानी का छिड़काव कर हाथ पैरों में मालिश की तब कहीं जाकर सुधार आया लेकिन मुझे नहीं मालूम था मुझे खाद को लेकर इतनी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यही हालात रानापुरा निवासी लल्लू राम की रही। वह भी अचेत अवस्था में गिर गया था किसानों से उसे उठाकर उसकी देखभाल कर उसे बैठाया।
