गुरसरांय (झांसी)। रेंज चौराहे स्थित बाबा के मंदिर से शुरू हुआ जुलूस, कटरा बाजार और मोदी चौराहे से होते हुए मंदिर पर हुआ समापन, पुलिस प्रशासन रहा भारी संख्या में मुस्तैद
गुरसरांय नगर में वाल्मीकि जयंती के अवसर पर वाल्मीकि समाज की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के साथ निकाली गई शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।शोभायात्रा का शुभारंभ रेंज चौराहे स्थित बाबा के मंदिर से हुआ। इसके बाद जुलूस कटरा बाजार पहुंचा और बाजार के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए मोदी चौराहे तक पहुंचा। यहां से शोभायात्रा पुनः रेंज चौराहे की ओर बढ़ी और अंत में वाल्मीकि जी के मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई।इस दौरान वाल्मीकि समाज के लोगों ने महर्षि वाल्मीकि जी का स्मरण कर उनके आदर्शों और शिक्षाओं को अपनाने का संदेश दिया। शोभायात्रा को लेकर समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। नगर के प्रमुख मार्गों से निकली इस शोभायात्रा के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि जी के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया गया।शोभायात्रा का आयोजन वाल्मीकि समाज की ओर से किया गया। जिसमें भारी संख्या में पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। वही गुरसरांय महर्षि बाल्मीकि जी की जयंती पर नगर में भव्य शोभायात्रा यात्रा निकाली गई।शोभायात्रा मुख्य मार्ग से बाजार होते हुए बस स्टैंड पहुंची,जिसका जगह जगह स्टाल लगाकर भव्य स्वागत किया गया।महर्षि बाल्मीकि जी की जयंती पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये गए।नगर के नृसिंह मंदिर पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि टीकाराम पटेल की देखरेख में सीताराम भगवंत पुरा की पार्टी द्वारा भजनों का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।आभार मंदिर के महंत मंटू महाराज ने व्यक्त किया।इस दौरान उपजिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार,पुलिस क्षेत्राधिकारी पीयूष कुमार पाण्डेय,चेयरमैन जयपाल सिंह राजू चौहान,गुरसरांय थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अखिलेश द्विवेदी आदि व्यवस्था बनाये रखने में मौजूद रहे। जबकि टहरौली कस्बे में रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई। भजन गायक कैलाश महरौलिया की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण कर तिलक लगाया गया। इसके बाद वक्ताओं ने उनके जीवन प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।मुख्य अतिथि भाजपा नेता राजकुमार दीक्षित ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से समाज को मर्यादा, सत्य, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का मार्ग दिखाया। उनकी रचना भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों की अमूल्य धरोहर है। महर्षि वाल्मीकि के विचार आज भी समाज को सदाचार, मानवता और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देते हैं। उनके आदर्शों को जीवन में उतारकर एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।पंचायत सचिव अजयपाल सिंह सेंगर ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन ज्ञान, साधना और आत्मपरिवर्तन का प्रतीक है। उनकी शिक्षाएं समाज में शिक्षा, समानता और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देती हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भजन गायक कैलाश महरौलिया ने महर्षि वाल्मीकि के व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।इस मौके पर नंदलाल वाल्मीकि,मलखान तेंदुआ, बृजभूषण,जागन, आशू, गजेन्द्र, राज, महेश महंत, आकाश महरौलिया,सौरभ, अर्जुन महरौलिया, मीरा, फूला व मालती सहित बडी संख्या में लोग मौजूद रहे।
