गुरसरांय(झांसी)। शासन की महत्वाकांक्षी गुरसरांय-गरौठा पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने के दावों की हवा निकालता एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रामनगर रोड स्थित पानी प्लांट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है,जिसने जल विभाग की कार्यशैली और जल की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।वायरल वीडियो में एक युवक पानी प्लांट के भीतर बिना किसी रोक-टोक के खुलेआम नहाते हुए साफ नजर आ रहा है। जिस पानी को शोधित कर हजारों परिवारों के घरों में पीने के लिए भेजा जाता है,उसी टैंक/संयंत्र में इस तरह खुलेआम स्नान करने की घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी रोष और आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े इंतजामों के दावों के बीच इस तरह की लापरवाही गंभीर संक्रामक बीमारियों को न्योता देने जैसी है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि पानी प्लांट जैसे संवेदनशील स्थान पर बाहरी व्यक्ति आसानी से अंदर कैसे दाखिल हो गया और वहां तैनात सुरक्षाकर्मी या कर्मचारी उस समय कहाँ थे? स्थानीय लोगों ने जल निगम और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषी कर्मचारियों व युवक पर सख्त कार्रवाई करने तथा जल शोधन एवं सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने की मांग की है। वही संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा समाचार लिखे जाने समय तक इस संबंध में न तो दोषियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही की थी और न ही जनता को स्वच्छ जल सप्लाई होने के लिए जब से योजना चालू हुई है उस पर गौर तक नही किया गया है। ऐसी स्थिति में विषाक्त पेयजल कहीं सप्लाई न हो जाए जिससे कोई बड़ा हादसा पीने के पानी से हो सकता हैं पर गौर ही नही किया जा रहा है। इससे लग रहा है कि संबंधित विभाग से लेकर शासन से यहाँ पेयजल सप्लाई करने वाले अधिकारी,जिम्मेदार पूरी तरह बेखौफ है इसलिए समय गवांए बिना जिला प्रशासन व शासन को जनहित व शासन हित में जल्द बड़ी कार्यवाही करने की अपेक्षा गुरसरांय नगर के लोगों ने की है। इस संबंध में जब मीडिया के लोगों ने दूरभाष पर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कुश साह से बात कि तो उन्होंने गैर जिम्मेदारान उत्तर देते हुए बताया कि यह व्यक्ति हमारे यहाँ काम करता है वही है और मौके पर पहुंचकर देखते हैं तथा गोलमाल उत्तर देते हुए सच्चाई से दूर भागते नजर आए।
