झांसी- दिनांक 19 अगस्त 2026 जनपद झांसी में नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों को टीकाकरण से आच्छादित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड बड़ागांव के अंतर्गत दातारनगर करारी क्षेत्र की बस्ती में टीकाकरण से वंचित बच्चों के लिए विशेष अभियान संचालित किया गया। क्षेत्र में रहने वाले मजदूर परिवारों के बच्चों के टीकाकरण की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर परिवारों को बच्चों के नियमित टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही थी, लेकिन कुछ परिवारों में झिझक एवं भ्रांतियों के कारण परिजन अपने बच्चों का टीकाकरण कराने से इंकार कर रहे थे।
इस संबंध में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रविशंकर ने बताया कि क्षेत्र में सर्वे के दौरान ऐसे कई परिवार चिन्हित किए गए, जिनके बच्चों का नियमित टीकाकरण नहीं हो रहा था। क्षेत्रीय आशा एवं एएनएम द्वारा कई बार परिजनों को समझाया गया, लेकिन वे बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद विशेष अभियान चलाकर स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा परिवारों से संपर्क किया गया तथा उन्हें टीकाकरण के लाभ, बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने में टीकों की भूमिका एवं समय से सभी टीके लगवाने के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया।
विशेष अभियान के दौरान जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रविशंकर, उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नितिन कंसौरिया, गावी प्रोग्राम से श्री रामकिशोर पाल, जेएसआई से श्री अनिरुद्ध शुक्ला, श्री अखिलेश, एएनएम श्रीमती अनीता सक्सेना एवं आशा श्रीमती राधा सहित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में भ्रमण कर परिजनों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया।
स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों एवं परिजनों को समझाने के परिणामस्वरूप 17 बच्चों का टीकाकरण कराया गया। इनमें 12 ऐसे बच्चे थे, जिन्हें एक वर्ष की आयु तक पेंटावेलेंट का कोई टीका नहीं लगा था, जबकि 05 बच्चे ऐसे थे, जिन्हें कुछ टीके तो लगे थे, लेकिन बाद में उनका टीकाकरण पूरा नहीं कराया गया था।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ रविशंकर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जनपद में कोई भी बच्चा नियमित टीकाकरण से वंचित न रहे। इसके लिए नियमित टीकाकरण सत्रों के साथ-साथ ऐसे क्षेत्रों एवं परिवारों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जहां बच्चे किसी कारणवश टीकाकरण से छूट गए हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को समय से सभी आवश्यक टीके अवश्य लगवाएं और किसी भी प्रकार की भ्रांति या झिझक होने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा स्वास्थ्यकर्मी से जानकारी प्राप्त करें।
