झांसी: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के 31वें दीक्षांत समारोह के शुभ अवसर पर कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने परिसर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया तथा छात्र-छात्राओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी व स्टॉलों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर की उपलब्धियों को दर्शाती ‘वॉल ऑफ फेम’ (Wall of Fame), नारायण बाग कृषि फार्म स्थित ‘पॉली हाउस’ तथा फूड टेक्नोलॉजी भवन के विस्तारीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसके पश्चात गांधी सभागार में आयोजित बुंदेलखंड गौरव कला दीर्घा, स्टार्टअप्स प्रदर्शनियों, चित्रकला स्टॉलों तथा आंगनबाड़ी वीथिका का निरीक्षण कर उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों के नवाचारी व रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। डिजिटल इंडिया और आधुनिक तकनीक के समावेश को बढ़ावा देते हुए कुलाधिपति महोदया ने बटन दबाकर शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों की उपाधियों एवं अंकतालिकाओं को डिजीलॉकर (DigiLocker) पर अपलोड किया। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित शिक्षण को सुगम बनाने हेतु ‘एआई इनेबल्ड एजुकेशन ट्यूटर – द्रोणा’ (Drona) का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जो छात्र-छात्राओं को उन्नत तकनीक के माध्यम से डिजिटल शिक्षण सहायता प्रदान करेगा। समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक व राष्ट्रीय चेतना का सुंदर प्रदर्शन किया गया। विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने नदियों के जल संरक्षण पर आधारित ‘पर्यावरण गीत’ की भावपूर्ण अभिनय युक्त प्रस्तुति दी। वहीं, विद्यालय व महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा “मैं रहूं या न रहूं भारत ये रहना चाहिए” देशभक्ति गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देख पूरा सभागार करतल ध्वनि से गूंज उठा। इसके साथ ही, दीक्षांतोत्सव के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों पर आधारित 2 मिनट की विशेष लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान जनकल्याणकारी एवं सामाजिक गतिविधियों से जुड़े प्रतिभागियों को सम्मानित व पुरस्कृत किया गया। ‘उन्नत भारत अभियान’ के अंतर्गत विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए 5 गांवों के विद्यालयों के मध्य आयोजित कक्षा-समूहवार प्रतियोगिताओं (भाषण, कहानी, चित्रकला) में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों व उनके शिक्षकों को मंच पर आमंत्रित कर पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा, छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास में योगदान हेतु 10 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ‘आंगनबाड़ी किट’ प्रदान की गई तथा स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान के तहत एच.पी.वी. (HPV) वैक्सीन अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जिलाधिकारी, सी.डी.ओ. एवं पुलिस अधिकारियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। समारोह के दौरान कुलाधिपति महोदया के कर-कमलों द्वारा विश्वविद्यालय की कई प्रमुख अकादमिक, शोध और छात्र-केंद्रित पत्रिकाओं का विमोचन भी किया गया। इनमें मुख्य दीक्षांत पत्रिका ‘स्वर्णोत्तर प्रज्ञान’, विद्यार्थियों की सृजनात्मकता पर आधारित पत्रिका ‘चितेरी’, ‘संचारिका’, ‘विमुक्तिका’, ‘उन्नयन’, शोध पत्रिका ‘प्रज्ञा प्रवाह’, उन्नत भारत अभियान, महिला अध्ययन केंद्र की ‘मार्गदर्शक’, ‘इको ऑफ एक्सीलेंस 3.0’ तथा ‘गुजरात दिवस – अनुभव एवं ज्ञान’ शामिल रहीं।
