झाँसी। माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झाँसी श्रीमती कमलेश कच्छल जी के कुशल संरक्षण एवं माननीय सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव श्रीमती ईशा त्रिपाठी जी के कुशल निर्देशन में बुधवार को ‘नालसा की “DAWN” योजना’ के अंतर्गत जिला कारागार, झाँसी में एक वृहद नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
शिविर में मुख्य रूप से उपस्थित जेल अधीक्षक श्री विनोद कुमार जी एवं डिप्टी जेलर मोनिका सचान, श्री विप्लव श्रीवास्तव एवं जेल प्रशासन का पूर्ण सहयोग रहा। इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गोबरैले जी एवं डॉ. रामस्वरूप श्रीवास्तव जी द्वारा विशेष परामर्श सत्र चलाया गया। डॉक्टरों की टीम ने जेल में निरुद्ध बंदियों को नशे के शारीरिक व मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्हें मानसिक रूप से नशा छोड़ने के लिए विशेष चिकित्सीय कंसल्टेशन और परामर्श प्रदान किया। उन्होंने बंदियों से अपराध व अवसाद की जड़ ‘नशे’ से हमेशा दूर रहने की भावपूर्ण अपील की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मुख्य प्रतिनिधित्व करते हुए वरिष्ठ लिपिक श्री आदिल जाफरी जी ने बंदियों को विधिक अधिकारों से अवगत कराया। वहीं असिस्टेंट लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल श्री दीपक मणी जी एवं श्री अजय राठौर जी ने बंदियों को नशे के कारण उत्पन्न होने वाली कानूनी जटिलताओं, एन.डी.पी.एस. एक्ट की धाराओं और समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ने के लिए प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता प्रणालियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान बंदियों को समाज और परिवार के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया गया, जिस पर कई बंदियों ने भविष्य में नशा न करने का संकल्प लिया। इस सफल जागरूकता अभियान के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पराविधिक स्वयंसेवक श्रीमती शशि रैकवार तथा श्री अंकित आर्य उपस्थित रहे।
