बुन्देलखण्ड के पावन तीर्थ महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि झारखंड धाम में सोमवती अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने धसान नदी में डुबकी लगाकर पूजा अर्चना की। तड़के सुबह चार बजे से भक्तों का पहुंचना प्रारंभ हो गया था। सुबह 10 बजे तक भक्तों का अपार जनसैलाब दिखाई दिया।यह क्रम दोपहर दो बजे तक चला। अत्यधिक भीड़ होने से रास्ता में घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। विद्युत व्यवस्था खराब होने से कुछ समय के लिए श्रृद्धालुओं को पेयजल की समस्या भी रही। बाहर से आए श्रद्धालुओं द्वारा ऐसे पावन तीर्थ स्थल और आस्था के केन्द्र पर आवागमन हेतु सड़क न होना चर्चा का विषय बना रहा। भक्तों ने धसान नदी में स्नान के बाद मुख्य मंदिर में विराजमान भगवान के दर्शन कर पवित्र नागनाथ पर्वत की परिक्रमा की। मंदिर परिक्षेत्र में कई स्थानों पर श्रृद्धालु दान दाताओं द्वारा भण्डारा व प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक लहचूरा सरिता मिश्रा के निर्देशन में चौकी प्रभारी गुढ़ा महेशचंद्र अपने हमराहियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था में मौके पर मौजूद रहे। मंदिर में महंत ज्ञानदास,राजू दास, सीताराम दास, बालकदास आदि संतगण मौजूद रहे।
