गुरसरांय (झांसी)। ऐतिहासिक माता मंदिर तालाब को लगातार तीन वर्षों से सौन्दर्यीकरण और गहरी करण के नाम पर खाली रखे जाने से गुरसरांय नगर का जलस्तर बुरी तरह गिर गया है हालत यह हो गए हैं की गुरसरांय नगर के कई वार्डों में बनी पेयजल टंकियों ने बोरिंग से पानी न आने के चलते पानी देना बंद कर दिया है तो वही हैंडपंप भी अधिकांश जगह जहां पूरी तरह सूख गए हैं और शोपीस बनकर सामने दिख रहे हैं जहां कहीं हेडपंपों में पानी आता है तो वह पानी भी खारा हो गया है जिससे नगर के ऐतिहासिक तालाब का स्वरूप और अस्तित्व खत्म होते दिख रहा है और सरकार द्वारा जिन संस्थाओं से तालाब पर जो काम कराया जा रहा है उनकी घोर लापरवाही का खामियाजा जनता को भोगना पड़ रहा है और विभाग से लेकर प्रशासन और शासन की छवि बुरी तरह प्रभावित हो रही है कि आखिर क्यों 3 वर्षों में यह काम पूरा हो सका? इसको लेकर पहले भी नगर वासियों ने डिप्टी कलेक्टर गरौठा को ज्ञापन पत्र देकर तालाब भरे जाने की महीनों पहले मांग की थी लेकिन कोई सुनवाई न होने से और वर्तमान में नहरों को तालाब भरने के लिए मई 2026 में खोला गया है लेकिन गुरसरांय तालाब भरने को लेकर बेतवा प्रखंड के अभियंताओं ने राजनीतिक दबाव के चलते कई बार नहर बंद करा दी जिससे नगर की जनता में रोष व्याप्त हो गया है इसको लेकर 16 मई शनिवार को नगर पालिका परिषद गुरसरांय में चैयरमेन जयपाल सिंह चौहान उर्फ राजू ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी झांसी और अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा जनपद झांसी सहित आयुक्त झांसी मंडल तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री को नगर पालिका परिषद गुरसरांय ने तुरंत जनहित व शासन हित में कार्रवाई की मांग की है। बताते चलें नगर में लगातार गहराते पेयजल संकट को लेकर नगर पालिका परिषद सक्रिय हो गई है। नगर पालिका अध्यक्ष जयपाल सिंह द्वारा जिलाधिकारी झांसी एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को पत्र भेजकर माता मंदिर तालाब को नहर के पानी से भरवाने की मांग की गई है। पत्र में बताया गया कि नगर का जल स्तर अत्यधिक नीचे चले जाने के कारण अधिकांश हैंडपंप पानी छोड़ चुके हैं, वहीं जिन बोरिंगों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती थी, वे भी लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। इससे नगरवासियों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।नगर पालिका अध्यक्ष एवं बोर्ड द्वारा जनहित में निर्णय लेते हुए माता मंदिर तालाब को नहर के पानी से भरवाने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि नगर के जल स्तर में सुधार हो सके। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा तालाब में पानी छोड़ने पर आपत्ति जताई जा रही है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि माता मंदिर तालाब के पश्चिम दिशा में पिछले 10 से 12 दिनों से चल रहे कार्य की नगर पालिका को कोई पूर्व सूचना अथवा एनओसी नहीं दी गई। नगर पालिका के अनुसार कार्य करा रहे व्यक्ति द्वारा कोई वैध कार्यादेश भी प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे कार्य को अवैधानिक बताया जा रहा है।नगर पालिका ने आरोप लगाया कि तालाब के पश्चिम दिशा के बांध को काटकर उसे कमजोर किया जा रहा है, जिससे भविष्य में खतरा उत्पन्न हो सकता है। वहीं पूर्व में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के ठेकेदार द्वारा कराया गया कार्य लगभग पूरा होने की बात भी पत्र में कही गई है। नगर पालिका अध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि नगर की जनता को जल संकट से राहत दिलाने हेतु शीघ्र माता मंदिर तालाब को नहर के पानी से भरवाने की व्यवस्था की जाए तथा चल रहे कार्य की जांच कर संबंधित कार्यादेश एवं एनओसी उपलब्ध कराई जाए।
