गुरसरांय(झांसी)। हर-घर-नल योजना के तहत शुद्ध पेयजल दिलाने के नाम पर नगर में सड़कें तो खोद दी गईं पर सड़क नहीं बनाई गई। वहीं पानी भी घरों तक नहीं पहुंच सका। जल जीवन मिशन के तहत ‘हर-घर- नल से जल’ योजना के दावों के बावजूद नगर के कई इलाकों में पानी न पहुंचने की समस्या बनी हुई है।जमीनी हकीकत के अनुसार कई जगह सड़के खुदी पड़ी है तो परियोजना में देरी और कम दबाव के कारण कई घरों में पानी नहीं पहुँच पा रहा है इससे लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा।कई क्षेत्रों में,काम अधूरा होने,लीकेज या गैर-जिम्मेदार कार्यप्रणाली के कारण यह योजना पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रही है।वहीं जिन जगहों पर पेयजल आपूर्ति हो रही है वहां लोगों को नल से बूंद-बूंद पानी मिल रहा है। लोग अपने घरों के बाहर नल जल योजना के तहत लगाए गए नल से पानी भरने के लिए नल के पास लंबे समय तक बैठकर बाल्टी में पानी भरने का इंतजार करते रहते हैं। घरों में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाए गए नल से पानी गिरता नहीं टपकता है।कुल मिलाकर स्थिति यह है हर- घर-नल-हर-घर-जल योजना से नगर के 75 फीसदी लोगों को प्यास बुझाने में अभी तक विफल साबित हुआ है। उक्त नल-जल योजना विभाग के लापरवाही के कारण केंद्र कि बहुउद्देशीय परियोजना हर-घर स्वच्छ जल पिलाने का सपना फिलहाल अधूरा है अथवा शोभा कि वस्तु बनकर रह गया है। हर-घर-नल” योजना का उद्देश्य विकास था,लेकिन कुप्रबंधन के कारण यह जनता के लिए मुसीबत बन गई है।सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर-घर-नल से जल’ योजना का लक्ष्य हर ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाना था,लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट और काफी दर्दनाक है। कई इलाकों में यह योजना प्यास बुझाने के बजाय लोगों के लिए ‘रास्ते का कांटा’ साबित हो रही है।पिछले कई महीनों से ठेकेदारों द्वारा पाइपलाइन बिछाने के नाम पर पक्की सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। आलम यह है कि महीनों बीत जाने के बाद भी न तो पाइपलाइन का काम पूरा हुआ है और न ही उन सड़कों की मरम्मत की गई है।थोड़ी सी बारिश होते ही खुदी हुई सड़कें दलदल में तब्दील हो जाती हैं,जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।सड़कों के बीचों-बीच किए गए गड्ढों के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं।कई जगह पाइप तो डाल दिए,लेकिन आज तक एक बूंद पानी नहीं आया। अब स्थिति यह है कि पानी के लिए हमें अभी भी पुराने कुएं या टैंकर पर निर्भर रहना पड़ता है और ऊपर से सड़क खराब होने के कारण घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस बारे में अवगत कराया है,लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। बताते चले नगर के मुहल्ला पटकाना,परकोटा,बाजार,धनाई सहित कई मुहल्लों में अभी भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

तो क्या प्रोजेक्ट मैनेजर ने भी कर दिये हाथ खड़े…..?
जियो मिलर कंपनी के गुरसरांय क्षेत्र के प्रोजेक्ट मैनेजर कुश शाह से जब वार्ड नंबर 23 के लोगों की ओर से कुलदीप सिंह मोनू ने जब प्रोजेक्ट मैनेजर को बताया कि साहब सिंह के मकान से मुन्ना सिंह सेंगर के रास्ते में महीनों से पानी नही आ रहा है। जिससे लोग भीषण गर्मी में परेशान है,इस पर उन्होंने 11 मई को बताया कि मैंने ठेकेदार से वहाँ लाइन सुधार कर पानी चालू कराने के लिए कई बार कहा है लेकिन ठेकेदार मेरी नही सुन रहा है इससे लग रहा है कि इस कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने भी व्यवस्था सुधारने के लिए हाथ खड़े कर दिये है। उधर गुरसरांय नगर के अधिकांश वार्डों में यही स्थिति जनता द्वारा जनप्रतिनिधियों से लेकर विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी बनी हुई है और कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन से लेकर शासन जनप्रतिनिधियों को जनहित व शासन हित में कड़ा कदम उठाने की जरूरत है।
