गुरसरांय(झांसी)। ऐतिहासिक माता मन्दिर गुरसरांय तालाब ठेकेदारों और कार्यदायी संस्थाओं को सरकारी धन को कैसे ठिकाने लगाया जाय करोड़ो रुपया खर्च करने के बाद भी लगभग तीन वर्षों में तीन बार भूमि पूजन होने के बाद तालाब का जो सपना गहरीकरण से लेकर सुंदरीकरण का जो सपना दिखाया था वह धरातल पर पूरी तरह हवा हवाई साबित हो रहा है और इस ऐतिहासिक तालाब के बास्तविक स्वरूप को करोड़ों रुपया खर्च करने के बाद बिगाड़ा गया है 7 मई 2026 को तो हद ही पार हो गई कि इस तालाब के बांध को ही जेसीबी मशीन से मिट्टी बेचने के लिए ठेकेदारों ने काटना चालू कर दिया और जब मीडिया के लोगों ने काम करा रहे लोगों से पूछा कि भईया यह बांध क्यों तोड़ रहे हो तो उनका जवाब था रास्ता बनाने के लिए तो यहां सवाल उठता है 3 सालों से यहां से जो मिट्टी की खुदाई हुई है वह कहां से रास्ता थे लेकिन यहां संबंधित कार्यदाही संस्थाओं और ठेकेदारों के लिए यह तालाब सिर्फ और सिर्फ धन कमाई का माध्यम बन गया है क्योंकि इस तालाब के अंदर की वर्तमान की तस्वीर देखें तो जगह-जगह मिट्टी के टापू टाईप ढेर लगे हुए है वही सदियों पुराने तालाब के अन्दर बने कुंडों से लेकर प्राचीन दिवालों की टूटती हुई स्थिति दिखा रही है और उसका खामयाजा गुरसरांय नगर की आम जनता को भोगना पड़ रही है क्योंकि नगर के अधिकांश हैंड पंप इस तालाब में 3 वर्षों से पानी न भरने से जल स्तर गिर गया है और जो हैंडपंप पानी देते भी है तो वह पीने लायक नहीं है और इस संबंध में संबंधित विभाग के आला अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन ने इस संबंध में कोई जांच पड़ताल या मॉनिटरिंग करना उचित नहीं समझा जिससे जिला प्रशासन से लेकर शासन की छवि धूमिल होना स्वाभाविक है नगर के लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस संबंध में जल्द कार्रवाई की पहल की है। बताते चलें नगर के लोगों ने पिछले दिनों इस संबंध में एसडीएम गरौठा के माध्यम से भी शासन को ज्ञापन दिया था लेकिन लग रहा है ठेकेदारों की ऊंची पहुंच होने के चलते इस संबंध में कोई कार्यवाही न होकर तालाब के अस्तित्व को खत्म किया जा रहा है।
