गुरसरांय (झांसी)। झांसी जिले में हमेशा किसी न किसी बेहतरीन काम करने के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले गुरसरांय निवासी बृजेंद्र कुमार व्यास उर्फ डमडम महाराज पूर्व विधायक गरौठा-समथर ने एक बार फिर समाज में अच्छे काम की सौगात देने वाले हैं। बताते चलें जब वह विधायक नहीं चुने गए थे और छात्र जीवन के तुरंत बाद गुरसरांय में सरकारी अस्पताल के पास कोई एंबुलेंस सेवा नहीं थी उस समय उन्होंने कई दशकों पहले अपनी माता जी के नाम से नि:शुल्क एंबुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय को उपलब्ध कराकर एक मानवता और समाज सेवा का संदेश दिया था अब उन्होंने हमेशा अपने क्षेत्र व क्षेत्र के आम और खास लोगों के बीच होली के बाद 8 मार्च रविवार 2026 को 11 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराने का निर्णय लिया है इसके पीछे उनका मानना है कि मेरी बेटी डॉक्टर आयुषी की शादी उन्हें उनके बच्चों की इच्छा अनुसार जयपुर से करना पड़ी थी जिसमें लोगों का पहुंचना संभव नहीं हो सका था। इसलिए वह 11 कन्याओं का विवाह बहुत ही धूमधाम से खैर इंटर कॉलेज मुख्य भवन ग्राउंड गरौठा रोड गुरसरांय से करेंगे जिसको लेकर कार्यक्रम यादगार और ऐतिहासिक हो सके को लेकर उक्त ग्राउंड को 22 फरवरी से ही सजाने सवारने का काम युद्ध स्तर पर चालू हो गया है। 24 फरवरी मंगलवार को इस मंगलकारी काम मैं हर जगह मंगल ही मंगल हो को लेकर नगर व क्षेत्र के बड़ी संख्या में युवाओं ने राजनीतिक दलदल से ऊपर उठकर सभी दलों के युवाओं ने तैयारी में पूरी सक्रियता दिखाते हुए अपनी अपनी जिम्मेदारियां सम्हाल ली है। आज विधिवत पत्रकार वार्ता में गुरसरांय व्यास परिवार के साथ पूरे गुरसरांय नगर व गरौठा-समथर क्षेत्र के बड़ी संख्या में सभी राजनीतिक दलों के युवा कार्यक्रम को अंतिम तैयारी देने में जुटे देखे गए। आज प्रमुख लोगों में मौके पर पंडित विनोद कुमार व्यास, मेजर अखिलेश पिपरैया,प्रेम नारायण यादव,चंद्रशेखर व्यास, सुखदेव सिंह दीपू अस्ता,अमित मोदी,सतेन्द्र त्रिपाठी,सुनील अहिरवार,संदीप कोठारी,बसंत मोदी,सुनील सिंह चौहान,कैलाश वर्मा,नूतन पाराशर,शालू महाराज,गुरसागर गुप्ता,लखन गुप्ता,स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष रविंद्र उर्फ बन्टे बरसैया,नितुल व्यास,अख्तर राईन,कमलेश द्विवेदी अश्वनी पस्तोर,सतपाल सुमंत सोनी,अज्जू मोदी,अनुज द्विवेदी,नितिन स्वामी,मुमताज खान सहित बड़ी संख्या में नगर व क्षेत्र के युवा सम्मिलित रहे।
शहनाई,रमतूला बजने के साथ होंगे कई सांस्कृतिक कार्यक्रम
शादी समारोह को यादगार बनाने के लिए जहां शहनाई के प्रसिद्ध कलाकारों को बुलाया जावेगा वही बुंदेलखंड का प्राचीन रमतूला से लेकर राई नृत्य और कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ हो सकता है होली के ठीक बाद यह कार्यक्रम है भोला नहीं मानो रे नहीं मानो मचल गवो नचवे को।
कहीं डमरू न बज जाए
आगामी 2026,27 में पंचायत से लेकर विधानसभा चुनाव है और इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा बड़े जोरों पर है की कहीं एक बार फिर ना डमरु बज जाए।
