समथर (झांसी)- भक्त मंडल कार्यकर्ताओं द्वारा बड़े धूमधाम से निकली गई कलश यात्रा। नगर के प्राचीन सिद्ध मां बीजासेन मंदिर पर मां के भक्त मंडल कार्यकर्ताओं द्वारा धवार की माता एवं रतनगढ़ वाली मां के 121 खप्पर (जवारों ) की बारी। नवचंडी पाठ व श्री मद्भागवत कथा का आयोजन किया। वहीं नगर में स्थित नहर वाले सिद्ध संकट मोचन हनुमान मंदिर पर भक्त मंडल कार्यकर्ताओं द्वारा मां रतनगढ़ वाली माता के मंदिर के 108 खप्पर (जवारों) की बारी व श्री मद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। नगर के दोनों मंदिरों की कलश यात्रा बड़े धूमधाम से निकाली गई। दोनों मंदिरों की कलश यात्रा में काफी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया और आशीर्वाद प्राप्त किया। मां बीजासेन मंदिर कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री श्री 1008 संत शिरोमणि बालकदास जी महाराज के सानिध्य में ध्वज पताका लहराते हुए गाजे बाजे के साथ मां बीजासेन मंदिर की कलश यात्रा निकाली गई। वहीं भक्त मंडल श्रद्धालुओं द्वारा नहर बाले संकट मोचन हनुमान मंदिर की कलश यात्रा निकाली गई। मां बीजासेन व हनुमान मंदिर दोनों की कलश यात्रा में नगर की महिलाएं व श्रद्धालु भक्तों ने ह्रदय भाव से भाग लिया और मां बीजासेन व हनुमान जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।

बीजासेन कलश यात्रा का शुभारंभ गायत्री मंदिर से किया गया।कलश यात्रा चौपड़ बाजार, अग्गा, बाजार,पीपरी स्टैंड से होते हुए निकाली गई। इसके उपरांत मां बीजासेन मंदिर पर पहुंची जहां कलश यात्रा का समापन किया गया। इसके पश्चात मां बीजासेन मंदिर पर पं शास्त्री ऋषभ देव जी महाराज द्वारा विधि पूर्वक पूजन अर्चना कर श्री गणेश कलश स्थापित किया गया। और श्री मद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।पं शास्त्री ने अपने मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का सुंदर वर्णन कर मां के दरबार में उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान की लीलाओं का रसपान कराया।कथा में भगवान की लीलाओं का रसपान कर श्रद्धाल भक्त ईश्वर भक्ति में मग्न होकर खूब झूमे नाचे ।कथा पारीक्षत श्री मति राजकुमारी गोविंद सिंह पाल ने कथा सुनने के पश्चात मां बीजासेन और भगवान की आरती की और आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं मां के भक्तों द्वारा मां के जबारों के घट खप्पर बोएं गये। वहीं नगर में स्थित नहर वाले श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर पर पं धीरेन्द्र शास्त्री ने श्री गणेश कलश स्थापित कर श्री मद्भागवत कथा का शुभारंभ किया।और अपने मुखारविंद से कथा का सुंदर वर्णन कर श्री संकटमोचन मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया। कथा का वर्णन सुनने के पश्चात पारीक्षत सुदामा यादव ने भगवान की आरती उतार कर आशीर्वाद प्राप्त किया। और वहीं मां के श्रद्धालु भक्तों द्वारा मां के जबारों के घट खप्पर बोएं गये।दोनों मंदिरों की कलश यात्रा एवं आयोजित कार्यक्रम में मंदिर प्रांगण में श्रद्धालु भक्तों का तांता लगा रहा।
