गुरसरांय (झांसी)। गांव पंचायत से लेकर जिला पंचायत और आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर ग्राम प्रधान,क्षेत्र पंचायत,जिला पंचायत प्रत्याशी के साथ साथ विधानसभा की दावेदारी ठोकने के लिए प्रत्याशियों ने कसरत करना चालू कर दिया है और फिलहाल प्रत्याशी अपने-अपने को कैसे विजय श्री के करीब पहुंचे मतदाताओं को अपने पक्ष में लामबंद करने के लिए जबरजस्त फील्डिंग करने उतर गए हैं जहां प्रत्याशी अभी तक गांव में जाना पसंद नहीं करते थे अब स्थिति यह है कि वह गांव-गांव में युवाओं को अग्रेषित करने के लिए कहा क्रिकेट आदि खेल करा रहे हैं तो दूसरी ओर गांव में किसी भी व्यक्ति की दुःख और सुख की खबर सुनकर अपनी उपस्थित दर्ज कराना नहीं भूल रहे हैं। सबसे अधिक गांव में प्रधान पद के प्रत्याशी अपने मतदाता मालिक की सेवा में हर प्रकार से समर्पित है जिसको लेकर भोज आयोजनों से लेकर धार्मिक स्थानों पर भ्रमण करने के लिए मतदाताओं को अपने खर्चे से पहुंचा कर अपनी ओर मतदाताओं को आकर्षित करने का काम गांव-गांव में चालू हो गया है तो दूसरी ओर जिला पंचायत प्रत्याशियों ने भी अपनी अपनी जिला पंचायत सीटों के क्षेत्र में तेज गति से भ्रमण कर मतदाताओं को यह अहसास दिल रहे हैं कि वह ही मतदाताओं के सर्वाधिक सुख दुःख के साथी हैं और जगह-जगह होडिंग लगी दिखाई देने लगी हैं। वहीं प्रदेश की महापंचायत विधानसभा प्रत्याशी चयन हेतु प्रत्याशियों ने अघोषित होते हुए भी विधानसभा में घुसपैठ कर अपनी दावेदारी पेश करने के लिए जहां धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से तो कही-कही लोगों के सुख दुःख में पहुंच कर घुसपैठ चालू कर दी है। वहीं विधानसभा प्रत्याशी जातिगत मतदाताओं का लाभ कैसे ले सकें इसके लिए निशाना साधना चालू कर दिया है यहां तक कि जगह-जगह अपने लोगों को सोशल मीडिया का भी तेजी से उपयोग किया जा रहा हैं।
जनता है यह सब जानती हैं
बताते चलें पूरे 5 साल यह नए- नए प्रत्याशी कहा रहे और जनता की उन्होंने क्या सेवा की इसको लेकर जनता सब जानती हैं और खास तौर से गरौठा-समथर विधानसभा क्षेत्र में हमेशा जो नतीजे आते हैं वह आश्चर्यजनक होते हैं जिसकी किसी ने कोई कल्पना भी नहीं की होगी और इस बार जितने नाम अभी चल रहे हैं वह जनता के नापसंद दिख रहे हैं। अब ऐसे में दलों से दूर कही दिलवाला प्रत्याशी दल-दल में फंसे बिना गुप्त रूप से अपनी नैया पार लगाने में भी लगे हुए हैं जो आश्चर्यजनक परिमाण हो सकता है और गांव गरीब चौपाल चाय की दुकान से लेकर जगह- जगह प्रधान से लेकर विधानसभा चुनाव की चर्चा तेज हो गई हैं।
