संवाददाता – नीलेश एन.के.डी
मोंठ तहसील क्षेत्र में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरियां हासिल करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक संगठित गिरोह द्वारा दिव्यांग कोटे का दुरुपयोग कर योग्य और वास्तविक दिव्यांग अभ्यर्थियों के अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बीते कुछ समय में कई युवाओं को फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी और बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी दिलाई गई है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे खेल में सक्रिय दलाल आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों को निशाना बनाते हैं और मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराते हैं। नौकरी लगवाने के बदले 12 से 25 लाख रुपये तक की वसूली की चर्चा है। इससे न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि सामाजिक न्याय की मूल भावना भी प्रभावित हो रही है।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। वास्तविक दिव्यांग अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसे फर्जीवाड़े के कारण उन्हें नौकरी के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। मोंठ के उपजिलाधिकारी ने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
