गुरसरांय (झांसी)। विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए भले ही प्रदेश व केंद्र सरकार ने करोड़ों रुपया खर्च करके और उक्त योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराकर कागजी वाही वाही लूटी हो लेकिन धरातल पर गुरसरांय,गरौठा क्षेत्र में कोई भी योजनाएं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जन को मिलता समाचार लिखे जाने समय तक नहीं दिख रहा हैं वर्ष 2025 में खरीफ फसल पूरे क्षेत्र के किसानों की 80 फीसदी से ऊपर फसलें बर्बाद हो गई लेकिन रबी की बुवाई चालू हो गई और खरीफ फसल जो किसानों की बर्बाद हुई थी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गुरसरांय,गरौठा क्षेत्र के किसी भी किसान को राज्य सरकार से आपदा प्रबंधन के तहत कोई भी धनराशि मुआवजा के रूप में उपलब्ध नहीं कराई गई और प्रशासन का कहना रहा डोर टू डोर सर्वे करा कर किसानों को राहत और बीमा राशि दी जावेगी लेकिन यहां सवाल उठता है यहां डोर टू डोर सर्वे कराया गया और न ही डोर टू डोर सर्वे की आवश्यकता थी क्योंकि पूरे क्षेत्र में एक सी फसल बुवाई हुई थी और वर्षा से फसल की बरबादी हुई फिर किसानों को मुआवजा क्यों नहीं दिया गया अथवा जिले से और तहसील से शासन को रिपोर्ट नहीं भेजी गई है या भेजी गई है तो धनराशि आवंटित क्यों नहीं की गई है बात यही नहीं रुकती अब तो अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बेमौसम हुई बारिश से किसानों की बोई हुई दलहन आदि मटर की बोई गई फसलें बिजगुड़ी पढ़ने से खराब हो गई हैं वहीं दूसरी ओर इस बार लगातार महीनों से किसान को खाद के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और खाद की अव्यवस्था फैलाने वाले व कालाबाजारी करने वाले लोगों के विरुद्ध संबंधित विभाग से लेकर प्रशासन ने कोई सख्त कार्रवाई न करने से किसानों को ठगी का शिकार होना पड़ रहा है तो कालाबाजारी में संलिप्त लोगों को कही न कही अधिकारियों द्वारा संरक्षण दिया जा रहा हैं वहीं किसान जब अपने ऊपर हो रहे इस अत्याचार की आवाज उठाता है या प्रदर्शन करता है तो उसके विरुद्ध कानून का डंडा चला कर धमकाया जाता है हालत यह है जो जनता के बीच में और किसानों के बीच में चर्चा बनी हुई है कि जबर मारे रोन न देवे यह बात है किसानों की जब बात आती है विकास योजनाओं की तो हर-घर-नल-हर-घर-चल जल जीवन मिशन के तहत गुरसरांय नगर समेत पूरे क्षेत्र में संचालित इस योजना का काम हर कीमत पर वर्ष 2024 में पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन 2025 खत्म होने के लिए 2 माह से कम अवधि बची हुई है गुरसरांय नगर में अभी भी 50 फीसदी क्षेत्र ऐसा है जहां पेयजल पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है और जहां बिछा भी दी गई है वहां पानी कब आए कब न आए तो कही कही तो पानी आता ही नहीं है स्थिति कुल मिलाकर यह बनी हुई है कि उक्त योजना जिस मंशा से प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा संचालित की गई थी वह धरातल पर बुरी तरह उत्तर प्रदेश सरकार के आलाधिकारियों द्वारा काम की निगरानी न करने से और कार्यदाई संस्था से लेकर ठेकेदारों के मनमाफिक रवैया के चलते योजना का लाभ जनता को मिलता नहीं दिख रहा है तो वहीं गुरसरांय नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी जो सड़के टाउन क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खोदी गई थी उन से रास्ता पूरी तरह खराब हो गई और लोगों का पैदल चलना दूभर हो गया है आखिर कब तक सरकार से लेकर विभाग के अधिकारी इन कामों को धरातल पर करने के लिए चुप्पी साधे रहेंगे नगर व क्षेत्र की जनता ने इस संबंध में शासन से जल्द बड़ी कार्यवाही की मांग की है।
जनप्रतिनिधि उतरे क्षेत्र में लेकिन प्रशासन बेखबर,आखिर गड़बड़ी कहा ?
गरौठा क्षेत्र के विधायक लगातार क्षेत्र में फील्ड पर किसानों के दर्द को देखने जा रहे हैं तो उसके पहले भी हर-घर-जल-हर-घर- नल योजना धरातल पर शत- प्रतिशत संचालित हो सके और जन जन को लाभ मिल सके के लिए फील्ड पर काम करते दिखे लेकिन संबंधित विभाग के आला अधिकारियों से लेकर प्रशासन और शासन द्वारा सभी योजनाओं के संचालित होने में भारी गड़बड़ी क्यों हो रही है इसको लेकर धरातल से लेकर गड़बड़ करने वाले लोगों के विरुद्ध अथवा कार्यदाई संस्था के कर्ता धर्ताओं के विरुद्ध केंद्र व राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर पहुंचा कर जन जन को लाभ मिल सके के लिए लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की इससे प्रदेश और केंद्र सरकार की छवि पर असर पड़ना वाजिब दिखता है।
