मोठ नगर पंचायत क्षेत्र से एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। महावीरपुरा निवासी देवेंद्र अग्रवाल व संजय अग्रवाल पुत्र राजेंद्र प्रसाद ने उपजिलाधिकारी मोठ को प्रार्थना पत्र सौंपकर नगर पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रार्थीगण का आरोप है कि नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि व लिपिक ने चुनावी रंजिश के चलते उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से अधिशासी अधिकारी को गुमराह कर लगातार फर्जी नोटिस जारी कराए। नोटिस में यह उल्लेख किया गया कि प्रार्थी ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है।
देवेंद्र व संजय अग्रवाल ने बताया कि उनका मकान करीब 25 वर्ष पुराना है तथा किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया गया है। मोहल्ले के एक व्यक्ति ने झूठी शिकायत दर्ज कराई कि उनकी चार पहिया गाड़ी निकालने में दिक्कत हो रही है।
शिकायत के बाद पुलिस, लेखपाल व कानूनगो मौके पर पहुँचे और उन्होंने जांच के बाद स्पष्ट कहा कि मकान में किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं है। बल्कि मकान रजिस्ट्री में दर्ज नाप से भी कम जगह पर बना है। इसके बावजूद नगर पंचायत द्वारा बार-बार नोटिस भेजे जा रहे हैं।
प्रार्थियों का कहना है कि जब उन्होंने अधिशासी अधिकारी से सम्पर्क किया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि “बाबू के कहे अनुसार नोटिस पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं”, जबकि मौके पर कोई मुआयना नहीं हुआ था। इससे साफ है कि द्वेष भावना व राजनीतिक रंजिश के चलते उन्हें परेशान किया जा रहा है।
पीड़ितों ने उपजिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और चेयरमैन प्रतिनिधि व लिपिक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता का शासन-प्रशासन पर भरोसा कायम रह सके।
