गुरसरांय(झांसी)। नगर के पुराने बस स्टैंड पर श्री हनुमान जी व्यास मन्दिर पर आयोजित नौ दिवसीय श्री श्री 108 रामचरितमानस नवाह परायण महायज्ञ में श्रृद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही हैं। श्री रामकथा के सातवें दिवस की कथा सुनाते हुए श्री रामकथा के प्रख्यात कथा व्यास महंत रामहृदय दास जी महाराज ने अपने अमृतमयी वाणी से राम वनवास और भरत मिलाप के प्रसंग का बड़ा ही मार्मिक प्रवचन दिया। अपनी सशक्त वाणी से उन्होंने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी,कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश,राजा दशरथ द्वारा उनकी मनुहार में दो वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना,भरत को राजगद्दी,सीता,लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप तक के बहाने रामायणकालीन पारिवारिक,सामाजिक एवं राजनैतिक मूल्यों के प्रति जागरुकता भरे संदेश दिए।जहां लक्ष्मण जंगल से लकड़ियां चुन रहे थे। जैसे ही चक्रवर्ती सेना और भरत को आते देखा। आग बबूला होकर राम के पास आते हैं और कहते हैं कि भरत बड़ी सेना के साथ हमारी ओर बढ़ रहा है। तभी राम मुस्कुराते हुए कहते हैं ठहर जाओ। अनुज भरत को आने तो दो। भरत राम के चरणों में गिरकर क्षमा याचना करने लगते हैं। फिर राम गले से लगाते हैं।भरत क्षमा याचना करने लगते हैं। फिर राम गले से लगाते हैं। भरत मिलाप के बाद तीनों माताओं का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हैं और माता सीता भी अपनी तीनों सास के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेती हैं। उसके बाद भरत पिता के बारे में राम से कहते हैं कि अब हमारे बीच पिता श्री नहीं रहे यह शब्द सुनकर श्री राम और सीता लक्ष्मण व्याकुल हो शोकाकुल रहने के बाद राम को अपने साथ ले जाने के लिए भरत मिन्नत करते हैं।कथा व्यास ने इन सारी बातों को इतने सरल व भावुक भाषा में श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया तो भक्त भी भाव-विभोर हुए बिना नहीं रह सके। इसके पूर्व आचार्य अनिल त्रिपाठी चित्रकूट धाम ने कथा के मुख्य यजमान नीता-पं सुरेंद्र व्यास से विधिवत पूजन अर्चंन कराया। कथा में 56 भोग का प्रसाद भी अर्पण किया गया।कथा में हरमोनियम पर साकेत व्यास,रामजी मिश्रा,बेंजो पर धर्मेंद्र सिंह,तबला पर श्यामजी,अनमोल सिंह ने संगत दी। कथा की आरती पं बृजकिशोर व्यास,विनोद व्यास,बद्रीप्रसाद त्रिपाठी, डॉक्टर ओपी राठौर,बृजेश भार्गव कस्बा इंचार्ज गुरसरांय,डॉ.राजेन्द्र कौशल,हरिमोहन शर्मा,अब्बू सेठ,भैया स्वामी,रामराजा यादव,नीलू अग्रवाल,संजीव सोनी ने संयुक्त रूप से की।इस अवसर पर महंत रामभजन दास महाराज एवं पं हरिओम थापक को अंग वस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। संचालन सतेंद्र त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत,पूर्व चेयरमैन गोपीनाथ बक्शी,डा.डी आर सिंह,कुंजबिहारी अडजरिया,शैलेंद्र शर्मा लखावती,टिंकू नायक,कल्लू प्रधान बरमपुरा,विनोद स्वामी,कौशलेश मिश्रा,रघु त्रिपाठी,राकेश पटेल,लला शर्मा,देवेंद्र सचान,मनीष जैन,अश्वनी पस्तोर,नूतन पाराशर,श्याम पटेल,मिथलेश सेंन,सुभाष पुजारी सहित सैकड़ो की संख्या में धर्मप्रेमी मौजूद रहे। अंत में आभार व्यक्त महेंद्र व्यास,नरेंद्र व्यास,अतुल व्यास,नितुल व्यास,रामजी व्यास ने संयुक्त रूप से व्यक्त किया।
