उरई/जालौन । उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला जज पारुल पंवार ने गुरुवार को जिला कारागार उरई का साप्ताहिक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल में बंद बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिनकी जमानत हो चुकी है, वे अभिभावक या जमानतदार न होने की वजह से जेल में न रहें। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सूची तत्काल प्राधिकरण कार्यालय को भेजी जाए, ताकि प्रभावी पैरवी कर उन्हें रिहा कराया जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिन बंदियों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं, उनकी जमानत राज्य के खर्चे पर कराई जाए। सचिव ने जेल में मौजूद बंदियों से बातचीत कर उनकी पैरवी की स्थिति, चिकित्सा, भोजन और विधिक सहायता के प्रबंधों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोई भी विचाराधीन बंदी विधिक सहायता से वंचित न रहे, और यदि किसी दोषसिद्ध बंदी की अपील न हो सकी हो तो समय रहते जेल अपील कराई जाए। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हर संभव सहयोग करेगा। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक नीरज देव, कारापाल प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल अरविंद सिन्हा, अमर सिंह एवं प्राधिकरण के लिपिक शुभम शुक्ला मौजूद रहे।
वन स्टॉप सेंटर का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के बाद कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। वहां की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। उस समय सेंटर पर कोई भी महिला पीड़िता उपस्थित नहीं थी। मौके पर मनोचिकित्सक रागिनी और केस वर्कर प्रवीणा समेत अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।
