समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास तथा काफिले पर हमले की घटना सहित उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी देने के मामले में आज समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में पीड़ितों, दलितों, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की घटनाओं में वृद्धि होने का आरोप लगाते हुए आज जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान देश के राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन भी जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया, जिसमें उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लचर बताते हुए कहा गया कि उत्तर प्रदेश की सरकार कानून का शासन स्थापित करने में पूरी तरह से असफल हो गई है। ज्ञापन में कहा गया कि आम जनता के उत्पीड़न, हत्या, लूट, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और अराजकता की घटनाएं आम हो गई है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। अपराधियों के हौसले बढ़ गए हैं। बीते कई सप्ताह से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन को करनी सेना द्वारा निरंतर जान से मारने की धमकी दी जा रही है तथा उनके आवास पर हमला भी किया गया। 27 अप्रैल को बुलंदशहर जाते समय अलीगढ़ में उनके काफिले पर हमला किया गया, जिससे कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए और लोगों को गंभीर चोटें आई, लेकिन इसके बाद भी इस घटना के बाद अराजक तत्वों पर शासन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप लगाया गया कि इससे स्पष्ट है कि उन्हें सरकार का खुला संरक्षण प्राप्त है और इससे प्रदेश सरकार की दलित विरोधी मानसिकता भी उजागर होती है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पीडीए का नारा देकर समाज के अनुसूचित तथा उत्पीडित वर्गों के सम्मान एवं संविधान प्रदत्त अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ रहे हैं, जिसे उत्तर प्रदेश में प्रभुत्ववादी एवं वर्चस्ववादी समूह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और संविधान विरोधी मानसिकता का खुले आम प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे लोगों की लोकतंत्र और बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान में कोई आस्था नहीं है, इसलिए इन समूहों द्वारा पीडीए समाज में उत्पीड़न की घटनाओं में तेजी से वृद्धि की गई है।। ज्ञापन में राष्ट्रपति से उत्तर प्रदेश की बेहाल कानून व्यवस्था, राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के साथ अलोकतांत्रिक व्यवहार तथा प्रदेश में लगातार हो रहे संविधान विरोधी कृत्यों को संज्ञान में लेने की मांग की गई है। इस दौरान पार्टी के झांसी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सीताराम कुशवाहा, रोहित सिंह पारीछा, बाबूलाल यादव एडवोकेट, पूर्व डीजीसी राजस्व, जिला महासचिव समाजवादी पार्टी राधेलाल बौद्ध, पूर्व जिला उपाध्यक्ष संजय पाल, शिक्षक सभा के जिला अध्यक्ष दिलीप यादव, धीरेंद्र कुमार यादव, अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव हमीद मकरानी, अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महासचिव विजय झांसिया, पार्टी के राष्ट्रीय सदस्य आकाश यादव, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संतोष रैकवार, अजय झांसिया, छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वदेश यादव, मोहम्मद जाकिर कुरैशी, प्रेम बाल्मीकि, शैलेंद्र वर्मा, चंद्रभान आदिम, शिववीर सिंह, महीपत झा एडवोकेट, श्रीमती दीपाली रायकवार, अयान हाशमी आदि सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
