बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
उरई/जालौन । बार काउंसिल के आह्वान पर एडवोकेटस एक्ट में प्रस्तावित संशोधन का विरोध तेज हो गया है। उरई में डिस्ट्रिक्ट जालौन बार एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।जिलाध्यक्ष भगवत शरण मिश्र और महासचिव पंकज खरे के नेतृत्व में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार उनके अधिकारों को कुचल रही है। वकीलों ने अपनी मांगों में वकीलों और उनके परिवार के लिए 10 लाख का मेडिकल क्लेम और मृत्यु पर 10 लाख की बीमा राशि शामिरोकेंगे। साथ ही पंजीकरण के समय ली जाने वाली 500 रुपए की स्टांप राशि प्रादेशिक परिषदों को वापस करने की मांग की है। विधिक स्टांप की बिक्री से प्राप्त धनराशि का 2 प्रतिशत अधिवक्ताओं की कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च करने की भी मांग की गई है। उरई जिला न्यायालय, कलेक्ट्रेट, कोंच, माधौगढ़, जालौन और कालपी में अधिवक्ताओं ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर एडवोकेट अमेंडमेंट बिल-2025 वापस नहीं लिया गया तो 25 फरवरी को प्रदेश भर के वकील न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे। वे सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ट्रेजरी व रजिस्ट्री कार्यालय का घेराव करेंगे और डीड राइटर को बैनामा करने से भी रोकेंगे। अध्यक्ष महासचिव पंकज,संयुक्त सचिव नेहा, संयुक्त सचिव सौरभ,अनुराग सेंगर,रविकान्त, स्मिता,किरन, सुमन,पंचम लाल, गोलू, प्रदुम्मन सिरौठिया, निकेतन, कलैक्ट्रेट प्रभारी इन्द्रजीत आई जी, सहित दर्जनो वकील मौजूद रहे।
