बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
रिपोर्ट-शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय
गुरसरांय (झांसी)। नावली सरकार कुरैठा के हनुमानजी मंदिर पर आयोजित कुरैठा सांस्कृतिक महोत्सव में चौथे दिन नंद महोत्सव से वातावरण भक्ति मय हो गया।पुष्पों की वरसात एवं बधाइयों की प्रस्तुति पर सारा पांडाल भक्ति रस की धारा में भाव विभोर होते रहे।संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्णजन्म की कथा का वर्णन करते हुए विश्वविख्यात भागवताचार्य डॉ श्याम सुन्दर पाराशर महाराज ने कहा कि भगवान कृष्ण का परिपूर्ण अवतार है। नन्द एवं यशोदा पूर्व जन्म के द्रोड एवं धरा नाम के बसु थे, जिन्होंने तपस्या करके भगवान की बाल लीलाओं के सुख प्राप्त करने का वरदान मांगा था। वही निर्गुण निराकार ब्रम्ह सगुण साकार बनकर ब्रज में अवतरित हुआ और अपनी बाल लीलाओं से ब्रजवासियों को आनंद प्रदान किया।आगे उन्होंने कहा कि भारत धर्म प्रधान देश है। भारत में धर्म रहेगा तो सारा विश्व सुरक्षित रहेगा। भारत में धर्म नष्ट हो गया तो सारा विश्व विधर्मी हो जायेगा और नष्ट हो जायेंगे। आगे उन्होंने कहा कि भगवान ने ब्राम्हण एवं गौ रक्षा को अवतार लिया। आज गायों को लोगों ने मन से त्याग दिया यही विपत्ति का एवं रोगों का कारण है। गाय माता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है।जिसके घर मे गाय माता की सेवा होती है, वहाँ सुख संपत्ति अपने आप आती है। गाय की पीठ पर हाथ फेरने से कई रोगों से छुटकारा मिल जाता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को गाय की सेवा अवश्य करनी चाहिए।
भागवत का मूल पाठ आचार्य राजेश पचौरी ने किया।संगीतमय कथा में सह गायन मनीष शर्मा एवं तनय शर्मा, ऑर्गन पर दीपक योगी,सितार पर सरजू शरण पाठक, ढोलक पर कपिल शर्मा,तबला पर इंद्रदेव ठाकुर, बैंजो पर अजय कुमार ने संगत की।यज्ञाचार्य आचार्य ज्ञानेन्द्र शास्त्री के द्वारा विधिविधान से चल रहे यज्ञ की ध्वनि से वातावरण गुंजायमान हो रहा है।भागवत कथा की आरती एमएलसी श्याम सुंदर सिंह पारीछा, अटल श्री दीपेन्द्र अड़जरिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष हेमंत सिंह परिहार, कुलदीप पाठक अधिकारी भारत सरकार,राहुल सिंह तोमर कानपुर,मृदुल श्रीवास्तव, रवि गोस्वामी, के. के. श्रीवास्तव, गुड्डी रानी पटेल,सुरेन्द्र व्यास,कार्यक्रम संयोजक बुंदेलखंड विकास बोर्ड के सदस्य डॉ जगदीश सिंह चौहान एवं सह संयोजक ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि केशव सिंह परिहार ने की। संचालन भाजपा जिला महामंत्री बद्री प्रसाद त्रिपाठी ने किया।
भागवत कथा में विश्व विख्यात भागवताचार्य डा. श्याम सुंदर पाराशर जी महाराज द्वारा मैहर घराने के संगीतगुरु, सैकड़ों शिष्यों को गुरुकुल पद्धति से शिक्षा देने वाले पं परशुराम पाठक, जगमोहन समेले, सुरेन्द्र व्यास, हरीमोहन शर्मा, बसंत मोदी, अवधेश अग्रवाल अब्बू सेठ, प्रभूदयाल निरंजन, सोनू अग्रवाल, नीलू अग्रवाल, दया सागर नायक, जयप्रताप सिंह, पंकज कुशवाहा, अनिल पाठक, विष्णु पाल, सुनील व्यास, प्रहलाद गुप्ता, घनेन्द सिंह परिहार, एच.पी.सर, सौरभ द्विवेदी, अनिल शर्मा गरौठा, आचार्य अनिल मिश्रा, सार्थक नायक, हरिश्चंद्र नायक, आयुष त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर हरपाल सिंह परमार, योगेंद्र सिंह क्रीड़ा अध्यापक, सतीश चौरसिया, अनिल तिवारी, रिंकू तोमर, दृगचंद्र तिवारी, रमेश शर्मा, हरिबाबू शर्मा, धर्मेश साहू, हरीकान्त नायक, राजू धनौरा, चन्द्र प्रकाश चौरसिया, नरोत्तम कुचवार, गंगा प्रसाद श्रंगिऋषि, राजू सेंगर, उमाशंकर विदुआ, गुलाब राय शर्मा, लोकेन्द्र सिंह चौहान, नरोत्तम कुचवार, गजेन्द्र सिंह तोमर, बृजकिशोर दीक्षित, जनक सिंह चौहान, योगेन्द्र सिंह चौहान, जानकी शरण यादव, रामप्रकाश सिंह चौहान, रामनारायण पस्तोर, अशोक मिश्रा, कृष्णा ठाकुर, साहब सिंह यादव, योगेन्द्र सिंह चौहान, सुनील चौहान, मानवेन्द्र सिंह माना प्रधान, देवेन्द्र घोष, धर्मेन्द्र कौशिक, जनक सिंह चौहान, बबलू चौहान, पवन स्वामी, अभिषेक प्रताप सिंह चौहान, राघवेन्द्र सिंह यादव, सुयश प्रताप सिंह चौहान, सुनील व्यास, अनिल कुमार पप्पू पंडा, खन्ना त्रिपाठी, सहित सैकड़ों धर्म प्रेमी उपस्थित रहे।
