बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
रिपोर्ट-शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय
गुरसरांय (झाँसी)। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में गायत्री परिवार द्वारा तालाब माता मंदिर स्थापित माँ गायत्री मंदिर पर बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें परिजनों द्वारा श्रद्धापूर्वक आहुतियां प्रदान की गई पूर्णाहुति पर सभी ने बुराई छोड़ने तथा अच्छाई धारण करने का संकल्प लिया महायज्ञ के दौरान गायत्री परिवार के संयोजक सतीश चंद्र चौरसिया ने कहा बसंत पंचमी शिक्षा विद्या एवं बिनय के साथ कला विविध गुण विद्या को साधना को बढ़ाने तथा उन्हें प्रोत्साहित करने का पर्व है बसंत पंचमी मानव मैं सांसारिक व्यक्तिगत जीवन मैं मधुरता उसकी शुव्यवस्था यह सब बिद्या शिक्षा तथा गुणों के ऊपर ही निर्भर करते हैं उन्होंने आगे कहा अशिक्षत गुणहीन बलहीन व्यक्ति को हमारे यहाँ पशुतुल्ल माना गया है इसलिए हम अपने जीवन को ऊपर उठाकर विद्यासंपन्न गुणसंपन्न बनाए बसंत पंचमी इसी प्रेरणा का त्योहार है यज्ञ का संचालन रमेश सोनी एवं चंद्रभान साहू ने किया।इस मौक़े पर लक्ष्मी पटवा,लाल जी खरे,रज्जू बिलैया,अलख शर्मा,राम कुमार कुशवाहा,किशोरी लाल विश्वकर्मा,शंकरलाल नामदेव, राम नारायण पस्तोर,अवधेश सिंह फौजी,साहब सिंह यादव, डॉक्टर अशोक मिश्रा,मान सिंह परिहार,रामेश्वर अग्रवाल, रामदीन पटेल,देवेन्द्र पटेल, आत्माराम फौजी,अभिलाष सिंह,संतोष सहित गायत्री परिजन एवं माताएँ,बहनें उपस्थिति रही।वही बसंत पंचमी के अवसर पर मैहर घराने की गुरुकुल संगीत पीठ माँ शारदा संगीत विद्यालय में वाद्य यंत्रों के पूजन के साथ राग रागनियों की प्रस्तुति से वातावरण गुंजायमान हुआ।भागवताचार्य पं भगवत नारायण समाधिया ने वेदमंत्रों के साथ सरस्वती पूजन करवाया।
मुख्य अतिथि राजू पालीवाल,विशिष्ट अतिथि शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष जगमोहन समेले उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिलेश पिपरैया ने की।संगीतगुरु पं परशुराम पाठक के शिष्यों ने पूजन के बाद संगीत के कार्यक्रम में सर्व प्रथम वर्षा बबेले,वेदिका पटैरिया, ने सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला की सरस्वती वंदना वर दे वीणा वादिनी वर दे,प्रस्तुत की।तबले पर संगत अंकुल पटेल ने की।प्रख्यात भजन गायक देवेन्द्र खरे देव के भजनों की प्रस्तुति पर श्रोता झूम उठे।भागवताचार्य पं भगवत नारायण समाधिया एवं भागवताचार्य पं ब्रजेश त्रिपाठी ने विभिन्न रागों में लयकारियों के प्रयोग समझाते हुए गायन प्रस्तुत किया।तबले पर संगत पं अखिलेश त्रिपाठी ने की।नेहा पटेल,शिवानी बबेबे,श्रुति अग्रवाल बांदा, ने अपनी प्रस्तुति देकर भाव विभोर किया।गजल गायक विवेक वरसैया एवं ब्रजेश कुमार बंका पहाड़ी ने गज़ल प्रस्तुत की।ऑर्गन पर सोनू पटेल एवं तबले पर संगत धर्मेन्द्र कौशिक ने की।पं सरजू शरण ने सितार पर राग बसंत बहार में तीन ताल की गत प्रस्तुत की तबले पर विवेक वरसैया ने संगत की।इस मौके पर पं रामेश्वर पाठक,अखिलेश तिवारी सुट्टा,ब्रजेन्द्र शर्मा,सुनील चौहान ,नितिन स्वामी,मिथलेश सेन आदि उपस्थित रहे।
