झाँसी- योगी सरकार लगातार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को ठीक करने का काम कर रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी व डॉक्टर सरकार की मंशा पर पलीता लगाते नजर आ रहे हैं. जहां एक और प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीरता से काम करते दिखाई पड़ते है तो वहीं सीएमओ जैसे जिम्मेदार अधिकारी सभी दावों को खोखला बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. ऐसे में जब कभी मिडिया के कैमरे इनकी सच्चाई दिखाते हैं तो ये उनसे से अभद्रता करने में पीछे नहीं हटते.
ताज़ा मामला झाँसी के बंगरा सीएचसी का है, जहां एमरजेंसी में सप्ताह के सातों दिन और 24 घण्टे उपचार देने का दवा किया जाता है. इसकी सच्चाई जानने जब हमारी टीम सीएचसी पर पहुंची तो वहां कुछ और ही तस्वीर सामने आई. सीएचसी के मुख्य द्वार पर एक मरीज ज़मीन पर लेता तड़प रहा था और डॉक्टर साहब अपने आवास पर आराम फरमा रहे थे. लगभग 30 मिनट से ज्यादा युवक ज़मीन पर दर्द से कराहता रहा और अस्पताल के बेसुध स्टॉफ ने युवक को उपचार तो दूर बेड भी नहीं दिया।
