गुरसरांय(झांसी)। अंधेर नगरी अंधेर राजा चके शेर भाजी चके शेर खाजा झांसी जिले के गुरसरांय में बच्चों की कई स्कूलों में पात्र शिक्षकों की कमी और मापक के अनुसार इंटर व हाईस्कूल विद्यालयों में जगह की कमी के साथ-साथ विवाह घरों में भी जर्जर भवनों में विद्यालय चल रहे हैं यह सरकारी मान्यता किस आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से लिए हुए हैं इस पर सवाल पर सवाल खड़े हो रहे हैं पहले तो इन विद्यालयों में चाहे बीएल शिवहरे हाईस्कूल विवाह घर में संचालित और महावीर बाल शिक्षा संस्कार केंद्र गुरसरांय में हाईस्कूल इंटर के छात्रों से एडमिशन के नाम पर जहां मोटी रकम वसूली जाती है वहीं प्रतिमाह प्रतिछात्र से एक हजार रुपए तक शुल्क वसूल किया जा रहा है और ऊपर से इनकी पुस्तकें,ड्रेस भी छात्रों को उनके द्वारा बताई गई दुकानों से खरीदने को मजबूर होना पड़ता है और लगातार जिला प्रशासन से लेकर उत्तर प्रदेश शासन से मनमाने ढंग से संचालित विद्यालयों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश के बाद भी जिले के शिक्षा अधिकारियों द्वारा जानकारी होने के बाद भी फील्ड में जाकर कार्यवाही न करना लग रहा है छात्रों से लेकर अभिभावकों को परेशान व लुटा जा रहा है गुरसरांय नगर की बात करें तो यहां पर एक मात्र खैर इंटर कॉलेज गुरसरांय ऐसा है जो प्रदेश में बेहतरीन शिक्षा और संस्कार के नाम से तो जाना जाता ही है और यहां मात्र हाईस्कूल-इंटर के बच्चों को आज भी 20 रुपए प्रतिमाह फीस पर पढ़ाया जाता है बात यहीं नहीं रुकती अगर 20 रुपए भी बच्चे के पास नहीं है तो यहां इसकी फीस भी माफ कर दी जाती है प्रदेश में सबसे अधिक छात्राकंन का अगर रिकॉर्ड देखा जाए तो पंडित रामसहाय शर्मा खैर इंटर कॉलेज गुरसरांय सबसे ऊपर आता है यहां पर लगभग 8 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और बड़ी संख्या में जो कई फर्जी संस्थाएं मान्यता लेकर संचालित हो रही हैं उनके छात्र भी इस कॉलेज में प्रवेश के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं क्योंकि श्री महावीर शिक्षा संस्कार केंद्र,बीएल शिवहरे हाईस्कूल से छात्र और उनके अभिभावक छुटकारा पाना चाहते हैं उधर दूसरी तरफ इन विद्यालयों में जो शिक्षक तैनात हैं उन्हें माह का चार पांच हजार रुपए वेतन दिया जाता है यह वेतन भी बैंक खाते के माध्यम से न देकर अपनी नाकामी छुपाने का काम हो रहा है वहीं छात्रों से जो मासिक शुल्क वसूली जा रही है उसका भी वास्तविक लेखा जोखा न कर खुली लूट मची हुई है इन सब के पिछे कहीं न कहीं शिक्षा अधिकारियों और शिक्षा माफियाओं की सांठगांठ उजागर होते दिख रही है क्योंकि सारी स्थिति से संबंधित अधिकारी वाकिफ होते हुए कोई कार्यवाही नहीं कर रही है और लग रहा है शासन की छवि शासन से ऊंची पगार और सुविधाएं लेने के बाद शिक्षा अधिकारियों द्वारा धरलताल पर काम न करना सरकार की मंशा पर पानी फेरा जा रहा है।
स्कूल संचालकों द्वारा प्रतिबंधित वाहनों से ढोया जाता है छात्रों को
इन दोनों विद्यालयों से लेकर नगर के कई विद्यालयों में जिला प्रशासन और शासन के स्पष्ट रोक के बाद भी गैस से संचालित वाहनों में भूसे की तरह बच्चों को भरकर विद्यालय तक मासिक अभिभावकों से मनमाफिक अतिरिक्त किराया लेकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है यह वाहन कही भी गैस खत्म हो जाने पर भरने लगते हैं और कभी भी किसी बड़ी दुर्घटनाएं का इंतजार कर रहे हैं इस प्रकार शिक्षा विभाग में ए टू जेड गुरसरांय नगर व क्षेत्र में गड़बड़ झाला चल रहा है कस्बे व क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से लेकर शासन से जल्द बड़ी कार्यवाही की मांग की है।
