बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
रिपोर्ट-शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय
गुरसरांय (झांसी)। विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जनप्रतिनिधियों से लेकर संबंधित विभाग और प्रशासन जानते हुए भी अनजान बना हुआ है और जिसका खामियाजा जनता को भोगना पड़ रहा है तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की साफ सुथरी छवि और प्रदेश के विकास को तेजी से आगे ले जाने के लिए झांसी जिले के गुरसरांय नगर में ब्रेक लग गया है दशकों से गुरसरांय में कोई भी बस स्टैंड नहीं है आखिर राहगीर जाए कहां तो दूसरी ओर करोड़ों रुपया आसरा योजना के तहत खर्च करके गरीब बेघर लोगों के लिए बहु मंजिली आवास कॉलोनी बनकर तैयार 8 वर्षों से अधिक समय से तैयार खड़ी है और बेघर छत विहीन भी लोग रहने के लिए छत का सहारा कहीं मिल जाए उनकी कोई सुनने वाला नहीं है जबकि यह पूरा मामला संबंधित विभाग के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जानकारी में है लेकिन कोई भी व्यक्ति इस ओर ध्यान देने वाला नहीं है जहां तक गुरसरांय नगर की पूरे 25 वार्डों की सड़के हर घर जल हर घर नल योजना के तहत बर्बाद कर दी गई है जिनको न सुधारे जाने से आए दिन दुर्घटनाएं बढ़ रही है इस मामले में भी कोई भी सुनने बाला नहीं है। गुरसरांय से खिरिया घाट मोठ सड़क गुरसरांय से वैदा तिगैला सड़क जो लोक निर्माण विभाग की है वह पूरी तरह गायब हो गई है इसको चौडीकारण विस्तरीकारण मरम्मत के नाम पर मऊरानीपुर व गरौठा क्षेत्र के दोनों विधायकों से लेकर झांसी सांसद भी इस ओर अनदेखा किए हुए हैं जिससे गुरसरांय-गरौठा विधानसभा क्षेत्र और मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग परेशानी झेल रहे हैं जबकि सरकार की महत्वपूर्ण एरच जुझारपुरा डिफेंस कॉरिडोर आदि औद्योगिक क्षेत्र के लिए यहां पर तेजी से काम चल रहा है लेकिन जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण यहां की जनता बहुत परेशान है वही गुरसरांय कस्बे में ऐतिहासिक माता मंदिर तालाब सौन्दर्यीकरण व विस्तारीकरण के नाम पर काम पूरी तरह ठप्प पड़ा है। और धनाई तालाब अतिक्रमणकारियों के हवाले कर दिया गया है जिससे पूरे कस्बे का जलस्तर तेजी से गिर रहा है और धनाई तालाब से लेकर उच्च न्यायालय के निर्देश से लेकर शासन के भी आदेश अतिक्रमण हटाकर तालाब को संरक्षित करने के हैं फिर भी कोई सुनने वाला नहीं है गुरसरांय कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय से टहरौली व गरौठा क्षेत्र की जनता का गुरसरांय ही स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर केंद्र बिंदु है लेकिन यहां आए दिन हो रही तेजी से दुर्घटनाओं को देखते हुए अभी तक ट्रामा सेंटर स्थापित नहीं हो सका तो दूसरी ओर बड़ी संख्या में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है और बड़ी संख्या में टेक्निकल स्टाफ न होने से सरकार की कई मशीने धूले चाट रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं अगर कार्रवाई की है तो बताएं किस-किस तारीख में शासन स्तर पर इन कमियों को दूर करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर सीएमओ कार्यालय से स्वास्थ्य निदेशालय और शासन को पत्र लिखे गए हैं तो मामला सब हवाहवाई दिखता नजर आता है इस प्रकार लग रहा है विकास और जनकल्याण कामों पर जनप्रतिनिधियों संबंधित विभाग से लेकर प्रशासन पूरी तरह बेखबर है जिससे जनता को एक तरफ भारी परेशानी उठानी पड़ रही है तो दूसरी ओर सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
