बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
रिपोर्ट-शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय
गुरसरांय (झांसी)। बुंदेलखंड मैं बुंदेली साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान बनाने वाली ईसुरी बुंदेली साहित्य शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉ दयाराम वर्मा ने संस्थान की कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है जिसमें डॉ सुकदेव व्यास को निदेशक,शिशुपाल सिंह सरस को उपाध्यक्ष,राम शंकर चतुर्वेदी को कनिष्ठ उपाध्यक्ष, वृंदावन लाल वर्मा को महामंत्री, महेंद्र तिवारी को उप मंत्री, सुरजीत भास्कर को कोषाध्यक्ष, अमरदीप भास्कर को ऑडिटर बनाए जाने का ऐलान किया है। वहीं डॉ शिवाजी चौहान को संस्थापक तथा डॉ सावित्री शर्मा को पदेन सदस्य बनाया गया है। जबकि अरुण कुमार चतुर्वेदी, जमीला खातून, प्रताप नारायण दुबे, जगत मोहन, भगवानदास, डॉ राममोहन शर्मा, नंदकिशोर, परशुराम को सदस्य पद पर रखा गया है।पदाधिकारियों की घोषणा होने के उपरांत संस्थान के निदेशक डॉ सुकदेव व्यास ने कहा कि बुंदेली भाषा के लिए संस्थान पूरी तरह से समर्पित है। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बुंदेली भाषा को विशेष जगह मिली है जिसके लिए बे बधाई के पात्र हैं। श्री व्यास ने कहा कि बुंदेली भाषा को आठवीं अनुसूची में दर्ज कराए जाने को लेकर संस्थान अपने स्तर से प्रयास करेगा।
