उरई/जालौन। बुधवार को न्यायिक अधिकारियों ने जिले में संचालित दो शैल्टर होम राठ रोड में संचालित वृद्धाश्रम एवं मु0 लहरियापुरवा स्थित आश्रय-गृह का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बहुत बारीकी से व्यवस्थाओं को परखा और आवश्यक दिशा-निर्देश भी कर्मचारीगण को दिये। न्यायिक अधिकारियों ने उक्त दोनों आश्रय स्थलों में रह रहे आश्रितों के रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं को जांचा-परखा।
सबसे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा राठ रोड उरई में संचालित वृद्धाश्रम में निरीक्षण के दौरान 110 संवासी उपस्थित मिले। उपस्थित पंजिका के अनुसार सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। वृद्धाश्रम की संवासियों से पूछा गया कि उन्हे चाय-नाश्ता और सुबह-शाम का भोजन समय से मिल रहा है या नहीं, इस पर संवासियों द्वारा बताया गया कि भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार मिल रहा हैं। वृद्धाश्रम की मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण करने पर स्टाफ नर्स उपस्थित थीं। संवासियों की चिकित्सा/ प्राथमिक उपचार हेतु डिस्पेन्सरी में आवश्यक दवायें मिली। पूछे जाने पर किसी भी संवासी द्वारा कोई समस्या नहीं बताई गई।नगर पालिका परिषद उरई जनपद जालौन के सहयोग से मु0 लहरियापुरवा में आश्रय गृह (शेल्टर होम) में न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न बिन्दुओं पर जांच-पड़़ताल की। निरीक्षण समय में रात्रिकालीन स्टाफ व प्रबन्धक को छोड़कर समस्त कर्मचारी उपस्थित मिले। जिसके बारे में पूछे जाने पर केयर टेकर द्वारा बताया गया कि प्रबन्धक नगर पालिका परिषद उरई गये हुये हैं। यहां की आश्रित पंजिका में निरीक्षण तिथि में कोई भी आश्रित उपस्थित नहीं मिला। यहां के कमरों का निरीक्षण करने पर कही-कही पर मकड़ी के जाले लगे मिले। जिसके बारे में पूछे जाने पर आश्रय गृह केयर टेकर द्वारा बताया गया कि साफ-सफाई का कार्य चल रहा हैं। निरीक्षण करने वाली इस अनुश्रवण समिति में अपर जिला जज प्रथम शिवकुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/अपर जिला जज राजीव सरन एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे शामिल रहे।
