जिले के जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की दिखी लापरवाही पूर्ण कार्यशैली
गुरसरांय (झांसी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय में 15 अक्टूबर गुरुवार को यहां पर लगातार कई दिनों से फार्मासिस्ट की नियुक्ति न होने से और संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की आज हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह फेल हो गई जिसके चलते अस्पताल से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए भागते देखा गया। इस संबंध में मीडिया के कुछ लोगों ने सीएमओ झांसी से फोन पर बताया की फार्मासिस्ट न होने से और संविदा कर्मियों की हड़ताल होने से दवा वितरण जहां एक ओर दवा वितरण कक्ष में 11:00 बजे के बाद किसी प्रकार डॉक्टरों ने प्रबंध करके दवा वितरण का काम चालू कराया तो दूसरी ओर कई मरीज स्वास्थ्य परीक्षण लेबों पर कर्मियों के न होने के चलते प्राइवेट अस्पतालों से लेकर प्राइवेट पैथोलॉजी पर परीक्षण कराते देखे गए और अस्पताल के बाहर दवा वितरण कक्ष में फार्मासिस्ट न होने से लोग अधिकतर हार थककर प्राइवेट दवा दुकानदारों के यहां दवा खरीदने को मजबूर हुए वहीं बेचारे डॉक्टरों की हालात यह थी कि उन्हें वार्ड बॉय से लेकर दवा वितरण आदि आदि सभी काम करना पड़ा जिसके चलते भी मरीजों का समय से उपचार न होने से दिनभर अफरा तफरी भरा माहौल से स्वास्थ्य सेवाएं लग रहा था यूपी में पूरी तरह फेल हो गई है वही दो बार सीएमओ से मीडिया ने फार्मासिस्ट आदि स्टाफ न होने की समस्या पर बात की वहां से एक ही उत्तर मिला जल्दी व्यवस्था हो रही है आखिर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जानकारी होते हुए भी गुरसरांय अस्पताल में फार्मासिस्ट,वार्ड बॉय आदि चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की नियुक्ति न होने से लग रहा है स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी पूरी तरह गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली से आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित करने का कुचक रच रहे हैं। नगर व क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी से लेकर उत्तर प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस संबंध में जल्द बड़ी कार्रवाई की मांग की है।
