गुरसरांय(झांसी)। दुर्लभ दो संयोगों में तीजा व्रत एवं गणेश चतुर्थी वृत एक साथ मनाया गया।महिलाओं ने तीजा व्रत रखकर अपने सुहाग की दीर्घायु एवं सुख समृद्धि की प्रार्थना भगवान भोलेनाथ से की।वहीं चौथ के चंद्रमा को देखकर शास्त्रों में इसमंतक मणि की कथा सुनने का वर्णन आया है, जिससे झूठा कलंक मिटता है।चौथ की कथा के साथ इस कथा को भी लोगों ने विद्वान पंडितों के द्वारा सुना और चौथ के चंद्र दर्शन के दोष निवारण किया। हरतालिका तीज व्रत हिन्दू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कठिन निर्जला व्रत है, जो सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए तथा कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए रखती हैं। ग्राम मड़ोरी में सखी देवी, पूनम कश्यप, नीलम कुशवाहा, काजल साहू, रजनी वर्मा, मांडवी पाल, अनामिका तिवारी, भूमिका साहू, तारा तिवारी, कामनी कश्यप सहित सैकड़ों महिलाओं ने रात्रि जागरण कर हरतालिका तीज व्रत रखकर पति के लम्बी उम्र की भगवान से प्रार्थना की।
