गुरसरांय(झांसी)। डॉ. राम मनोहर लोहिया पीजी महिला महाविद्यालय के सभागार में आज 14 सितंबर को हिंदी दिवस समारोह बड़ी ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पिंकी सिंह ने मां सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।हिंदी भाषा को बढ़ावा देने हेतु हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ वीरेंद्र सिंह के दिशा निर्देशन में शीर्षक भारतीय समाज में हिंदी की उपयोगिता विषय को लेकर छात्राओं की निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गईl निबंध प्रतियोगिता में प्राची राजपूत प्रथम काजल खातून द्वितीय एवं शिवानी खरे तृतीय स्थान पर रही। भाषण प्रतियोगिता में काजल प्रथम सीमा द्वितीय एवं मांडवी तृतीय स्थान पर रही। इस अवसर पर डॉ. वीरेंद्र सिंह,डॉ.अजय प्रताप गौर, प्रीति अड़जरिया,आरपी निरंजन एवं गुलाबराय शर्मा ने अपने विचार व्यक्त किये। हिंदी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पिंकी सिंह ने कहा कि यह दिवस न केवल भाषा की प्रतिष्ठा को बढ़ाता है बल्कि नई पीढ़ी को हिंदी के प्रति प्रेरित करता है।जो व्यक्ति हिंदी जानता है वह पूरे भारत की यात्रा कर सकता है।राष्ट्रीय व्यवहार में हिंदी को काम में लाना देश की उन्नति के लिए आवश्यक है। इस मौके पर डॉ. धीरज दीक्षित,डॉ. वीरेंद्र सिंह,डॉ. अजय गौर,नीलेश यादव,आरपी निरंजन,शारदा सिंह चौहान,प्रीति अड़जरिया, डॉ.जय प्रताप सिंह,राम राजपूत,पूजा सोनी,गुलाब राय शर्मा,रामलला यादव, दीपक यादव,बृजेंद्र कुमार प्रजापति आदि स्टाफ एवं सैकड़ो छात्राएं उपस्थित रही संचालन वरिष्ठ लिपिक गुलाब राय शर्मा ने किया एवं डॉ. आरपी निरंजन ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। वही खेर इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य धनप्रकाश तिवारी की अध्यक्षता में हिंदी दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें हिंदी के प्रयोग पर जोर देने की बात कही गई।बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुकदेव व्यास ने कविता के माध्यम से हिंदी भाषा को सर्वोपरि बताते हुए दैनिक जीवन मे हिंदी में कार्य करने की बात कही।उन्होंने कहा कि हिंदी ही हमारी एक मात्र ऐसी भाषा है,जिसमें समस्त रसों का प्रवाह एवं संस्कृति ज्ञान समाहित है।हिंदी के प्रवक्ता सुनील कुमार व्यास ने हिंदी के गद्य एवं पद्य साहित्य के इतिहास को बताते हुए भारतेंदु हरिश्चंद्र के हिंदी के योगदान के बारे में बताया।
संगीत अध्यापक सरजू शरण पाठक ने बुंदेली कवि ईशुरी की रचनाओं के बारे में सूर, तुलसीदास, मीरा बाई के योगदान को सराहा।वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ विवेक मुदगल एवं राजेश चंद्र ने हिंदी को सर्वोपरि बताते हुए हिंदी के प्रयोग करने की बात कही।संचालन बालिका विभाग के प्रभारी कैलाश प्रकाश गुप्ता ने किया।अंत मे प्रवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।इस मौके पर प्रवक्ता राम प्रकाश पचौरी,राजबहादुर सिंह,अमित प्रताप सिंह भदौरिया,संजय दोन्देरिया,अशोक आर्या,विवेक गुप्ता,अर्पित इंटोंदिया,कौशलेश मिश्रा,राहुल कुमार,समता, मुन्ना नामदेव आदि उपस्थित रहे।
अपनी माटी अपनी भाषा ही राष्ट्र को सशक्त कर सकता है-कुंवर रामकुमार सिंह
हिंदी दिवस पर वरिष्ठ पत्रकार कुंवर राम कुमार सिंह ने कहा की अपने देश की भाषा और माटी को हमेशा महत्व देना होगा यहां तक की पूरे देश में शिक्षण संस्थानों लोकतंत्र के चारों स्तंभों मैं हिंदी का ही प्रयोग होना चाहिए। ताकि हिंदुस्तान की मूल आत्मा हिंदी भाषा की पहचान विश्व पटल पर हो सके इस दौरान सिंह ने कहा कि वर्तमान में देश के बुंदेलखंड क्षेत्र से बुंदेली भाषा में हनुमान अंश’ बनी फिल्म में भजन की प्रस्तुति जो बुंदेली भाषा में हुई है वह देश का गौरव बढ़ाता है। इसी प्रकार हमारी माटी के अनुसार हमारी भाषा का होना जरूरी है।
