गुरसरांय(झांसी)। सावन के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर पिछले एक सप्ताह से पन्ना लाल जैन साहब की गली के आगे स्थित शिव मंदिर पर चल रहे श्री शिव महापुराण कथा का विश्राम (समारूपण) एवं हवन-पूजन पूरे विधि-विधान व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान कथा के अंतिम दिन आचार्य पंडित नीरज पाठक महाराज ने भगवान शिव की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को शिव तत्व का महत्व समझाया। महाराज जी ने अपने प्रवचन में कहा, “शिव ही सत्य हैं, शिव ही सुंदर हैं। शिव कल्याणकारी हैं और शिव भक्ति के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। जो भक्त सच्चे मन से भोलेनाथ की शरण में जाता है, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।”कथा के समापन पर आयोजित हवन-यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। इस संपूर्ण धार्मिक आयोजन में स्थानीय महिला मंडल का विशेष एवं सराहनीय सहयोग रहा कार्यक्रम के अंत में आरती उतारी गई एवं उपस्थित सभी धर्मप्रेमी बंधुओं में महाप्रसाद का वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान शिव मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय शिव शंभू” के जयकारों से गुंजायमान रहा।
