गुरसरांय/ टहरौली(झांसी)।टहरौली तहसील क्षेत्र के ग्राम भटपुरा बरौल, की करीब चार किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क पिछले 10 वर्षों से बदहाली का शिकार है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि बरसात के दिनों में ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। दो से अधिक गांवों के लोग इस समस्या से प्रभावित हैं।ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले महीने प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस करीब एक घंटे तक कीचड़ में फंसी रही। काफी मशक्कत के बाद एंबुलेंस को बाहर निकाला जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की स्थिति ऐसी ही रही तो किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। रोज चार किलोमीटर कीचड़ से होकर स्कूल जाते हैं बच्चे
सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चे प्रतिदिन करीब चार किलोमीटर कीचड़ और गड्ढों से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई बार रास्ते में फिसलकर बच्चे चोटिल भी हो चुके हैं। बारिश के दौरान बाइक, साइकिल और अन्य वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। हर बार आश्वासन मिलने के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।सड़क संघर्ष समिति का गठन, 30 दिन का अल्टीमेटम लगातार उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों और युवाओं ने अब “सड़क संघर्ष समिति” का गठन किया है। समिति की ओर से अभियान शुरू किया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को सड़क निर्माण के लिए 30 दिन का अल्टीमेटम दिया है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन तेज करने के साथ चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है—“अब आश्वासन नहीं, सड़क चाहिए। सड़क नहीं तो वोट नहीं।”स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से बरसात की समस्या को देखते हुए तत्काल सड़क का निरीक्षण कराने और निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
