विभागीय अधिकारियों,जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल,आखिर क्यों नहीं होते समय पर काम
गुरसरांय(झाँसी)। लोक निर्माण विभाग की घोर उदासीनता और लापरवाही के चलते गुरसरांय-गरौठा क्षेत्र की मुख्य सड़कें और संपर्क मार्ग बदहाली के आंसू रो रहे हैं। गुरसरांय से कोटरा मार्ग पर ग्राम मडो़री मुख्य मार्ग पर एवं ग्राम गढ़वई पेट्रोल पंप के पास बड़े-बड़े गड्ढे है आलम यह है कि सड़कों पर गड्ढे नहीं,बल्कि गड्ढों के बीच कहीं भी सड़क बची हुई दिखाई देती है। इसी मार्ग पर ग्राम गढ़वई के बीच कई दुर्घटनाएं हो चुकी है। ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली तमाम प्रमुख सड़कें पूरी तरह से उखड़ चुकी हैं। बरसात के मौसम में इन गहरे गड्ढों में पानी भर जाने के कारण स्थिति और भी जानलेवा हो जाती है। वाहन चालक आए दिन इन गड्ढों का शिकार होकर चोटिल हो रहे हैं,जबकि इन गड्ढों के कारण कई लोग दुर्घटनाओं में अपनी जान गवाँ चुके है।विभाग कागजों पर तो करोड़ों रुपये की कार्ययोजना और बजट की बात करता है,लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।विकास की बड़ी-बड़ी बातों और गड्ढामुक्त दावों के बीच झाँसी जिले के सबसे दूरस्थ ग्राम धनौरा,ठर्रो,देवरी,घटियारी,लोक निर्माण विभाग की सड़के आज भी बदहाली के आंसू रो रही हैं। लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की घोर अनदेखी के चलते इस पूरे क्षेत्र की मुख्य और संपर्क सड़कें पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुकी हैं। सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए रोजाना किसी बड़ी मुसीबत से कम साबित नहीं हो रहे हैं।सड़क की ऊपरी परत (डामर) पूरी तरह से उखड़ चुकी है और अब सड़क के नाम पर सिर्फ नुकीले पत्थर और गहरे गड्ढे ही बचे हैं। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक रोजाना फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि रात के अंधेरे में इन गड्ढों की थाह न मिल पाने के कारण कई बड़े हादसे हो चुके हैं। स्थानीय मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में एम्बुलेंस चालकों को भी भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।सड़कें पूरी तरह से उखड़ने के कारण जब भी यहाँ से कोई भारी वाहन गुजरता है,तो पूरी सड़क धूल के गुबार में तब्दील हो जाती है। इस वजह से सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीणों और दुकानदारों का जीना मुहाल हो गया है। लोगों में सांस और आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों में इस बदहाली को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। लोक निर्माण विभाग के जिले से लेकर प्रदेश मुख्यालय के लोक निर्माण विभाग के अफसरों को सारी जानकारियां होने के बाद भी सड़कों की मरम्मत से लेकर सुधार तक प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का बजट आने के बावजूद सड़कों का सुधार न होना लग रहा है,कहीं न कहीं इस विभाग में आला अधिकारियों,ठेकेदारो की मिलीभगत के चलते साथ ही सत्ता के प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों के संरक्षण के चलते इस समय सड़कों के सुधार की दिशा में कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है,जिसका जिंदा उदाहरण जहां गुरसरांय से बैंदा-मोठ सड़क पूरी तरह मौके से गायब होकर दुर्घटनाओं का रास्ता बन गया है,और लोगों ने इस सड़क पर आवाजाही मजबूरन बंद कर दी है। इसी मार्ग पर ग्राम सेमरी मे लगभग एक हफ्ते पहले ही जो सड़क पर मिक्सर मशीन चला रहा था वहीं पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अभियंताओं और ठेकेदारों की अनुपस्थिति लापरवाही के चलते बाइक सवार एक व्यक्ति की मिक्सर मशीन से मौत हो गई थी जिसका मामला थाना गुरसरांय में दर्ज है लेकिन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना को लेकर कोई सबक नहीं लिया है और जहां काम होता है तो दोनों साइडों पर निर्माण काम चल रहा है संबंधी सावधानी संकेतक बोर्ड लगाया जाता है वह भी नहीं लगाया गया जिसके चलते यह मौत हुई है। इस सम्बन्ध में लग रहा है गरौठा-मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायकों की भी प्रदेश मुख्यालय पर सुनी नहीं जा रही है,या फिर इसे जनप्रतिनिधियों की उदासीनता कहा जाए कि इस सड़क के खराब होने से गरौठा विधानसभा क्षेत्र व मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र के कई दर्जनों गांवों का आवागमन ठप्प हो गया है। आखिर करोड़ों रुपया मरम्मत के नाम पर आने वाला कहां चला गया है,तो दूसरी ओर इस सड़क चौड़ीकरण को भी समाचार लिखे जाने समय तक स्वीकृति नहीं दी गई है। कागजों में कुछ दिखा रहे हो लेकिन मौके पर सब गोलमाल है। इसी प्रकार कुरैठा से अहरौरा ग्रामीण क्षेत्र की सड़क एवं पुलिया पूरी तरह ध्वस्त होने से यहां पर लोगों को इमरजेन्सी में बाहर जाने दौरान सड़क खराब होने से इलाज कराने हेतु पहुंचने के पहले ही लोगों को जान गंवाना पड़ती है,इतनी गंभीर हालत होते हुए भी पीडब्ल्यूडी विभाग से लेकर जिला प्रशासन और शासन जनप्रतिनिधि पूरी तरह इस ओर से मुँह मोड़े हुए हैं,इससे लग रहा है कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है लोक निर्माण विभाग की सड़को की हालत बहुत खराब होने के चलते लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं,तो आम जनता की कोई सुनने वाला नहीं है। सालों से जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में कोई पहल न करने से शासन की छवि जहां धूमिल हो रही है तो दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार की जड़े काफी गहरी होना चर्चित है और ठेकेदारों से लेकर विभाग के अधिकारियों सत्ता के मठाधीशों के इर्द गिर्द संदेह की सुई घूमते नजर आ रही है। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश के आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन से इस संबंध में जल्द बड़ी कार्यवाही कर आम जनता को राहत देने की पहल की है।विभाग की इस सुस्ती को लेकर क्षेत्र के व्यापारियों,किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन गड्ढों को भरकर सड़कों का सुदृढ़ीकरण या नवीनीकरण कार्य शुरू नहीं किया गया,तो वे लोक निर्माण विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।अब देखना यह होगा कि कुंभकर्णी नींद में सोया लोक निर्माण विभाग इस समस्या का संज्ञान कब लेता है या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
