गुरसरांय(झांसी)। जिले के विभिन्न हिस्सों में अवैध कोचिंग,शिक्षण संस्थानों,विवाह घरों,मेला में होने वाले हादसों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर जहां प्रशासन सख्त कदम उठा रहा हैं,वहीं गुरसरांय कस्बे में इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। तंग गलियों और बेसमेंट में बिना फायर एनओसी और बिना रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से चल रहे अवैध कोचिंग,शिक्षण संस्थान,विवाह घर,मेला बच्चों के भविष्य नहीं,बल्कि उनकी जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पूरे जिले में कार्रवाई की खबरें आती हैं,लेकिन गुरसरांय क्षेत्र में आखिर क्यों कार्यवाही नहीं की जा रही है क्या अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में हैं? कस्बे के प्रमुख बाजारों,गुराई बाजार,नई बस्ती और तंग गलियों में धड़ल्ले से चल रहे दर्जनों कोचिंग सेंटर नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी अब जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आखिर क्यों इन कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं जिम्मेदार अधिकारी ? जागरूक नागरिकों का आरोप है कि गुरसरांय के कई कोचिंग संस्थानों में क्षमता से अधिक छात्रों को छोटे-छोटे कमरों में बैठाया जा रहा है। न तो आपातकालीन निकासी की व्यवस्था है और न ही अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम। कई अवैध कोचिंग,शिक्षण संस्थान,विवाह घर,मेला तो बेसमेंट या बिना वेंटिलेशन वाली संकरी इमारतों में चल रहे हैं,जहां किसी भी अनहोनी की स्थिति में बड़ी जनहानि हो सकती है।
अभिभावकों की जेब पर डाका,रजिस्ट्रेशन का अता-पता नहीं ?
प्रतियोगी परीक्षाओं और स्कूली ट्यूशन के नाम पर अभिभावकों से मोटी फीस वसूली जा रही है। लेकिन इनमें से कितने संस्थान शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन के पास पंजीकृत हैं,यह जांच का विषय है। बिना रजिस्ट्रेशन और बिना किसी तय गाइडलाइन के चल रहे इन कोचिंग सेंटरों की निगरानी करने वाला स्थानीय स्तर पर कोई नहीं दिख रहा।कस्बे के अभिभावकों और स्थानीय समाजसेवियों ने जिलाधिकारी झांसी और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि गुरसरांय में एक विशेष टीम भेजकर सभी अवैध कोचिंग,शिक्षण संस्थानों,विवाह घरों,मेला का औचक निरीक्षण कराया जाए। जो संस्थान बिना मानकों और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं,उन्हें तत्काल सील कर उन पर कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि बच्चों के भविष्य और जान के साथ खिलवाड़ रोका जा सके।
